नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया और ओखला, सिंघोला तथा गाजीपुर में नए कचरा निस्तारण संयंत्रों का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। ओखला में 1400 टन, सिंघोला में 700 टन और गाजीपुर में 800 टन प्रतिदिन क्षमता वाले संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा गाजीपुर में 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस संयंत्र की भी आधारशिला रखी गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ लैंडफिल साइट पर कचरा निस्तारण की स्थिति, उपलब्ध भूमि और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुराने कचरे को हटाना नहीं, बल्कि रोजाना आने वाले नए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर नए कूड़े के पहाड़ बनने से रोकना है।
रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ वर्षों में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है और करीब 100 एकड़ भूमि मुक्त कराई गई है। उन्होंने अधिकारियों को नई प्रोसेसिंग यूनिट्स को जल्द पूरी क्षमता से शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को पुराने कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने के साथ-साथ फ्रेश वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आज हमने कूड़े के पहाड़ के साथ आखिरी सेल्फी ली है। दिल्ली में न पुराने कूड़े के पहाड़ रहें और न नया बने, इसी ध्येय के साथ इसे 2026 में ही खत्म करने का प्रण ले रहे हैं।”
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार समस्याओं पर आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय उनके समाधान पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना निकलने वाले कचरे से अधिक क्षमता वाले निस्तारण संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ओखला साइट पर कचरा निस्तारण कार्य में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि मुक्त कराई गई करीब तीन एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम को एमआरएस मशीनों और ऑटो टिप्परों सहित स्वच्छता कार्यों के लिए दिल्ली सरकार का सहयोग मिल रहा है।
कार्यक्रम में उप महापौर मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, नेता सदन जय भगवान यादव, डेम्स समिति अध्यक्ष संदीप कपूर, दक्षिण-पूर्व जोन वार्ड समिति अध्यक्ष नीतू चौधरी, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित निगम के अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे।
