नई दिल्ली। करोलबाग जोन के बलजीत नगर वार्ड में भाजपा की निगम पार्षद रूणाक्षी शर्मा की लंबे समय से अनुपस्थिति और उनके पिता पिंटू शर्मा की ‘पार्षद प्रतिनिधि’ के तौर पर सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पिंटू शर्मा निगम अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं।
मामला उस समय चर्चा में आया जब करोलबाग जोन की उपायुक्त आयुषी ने पार्षद के पिता के साथ बलजीत नगर वार्ड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। निगम अधिकारियों के बीच इस दौरे को लेकर चर्चा है और इसे नियमों के लिहाज से सवालों के घेरे में बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम में ‘पार्षद प्रतिनिधि’ नाम से किसी पद का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद कई मामलों में पार्षदों के परिजन स्वयं को पार्षद प्रतिनिधि बताकर निगम अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय गतिविधियों में सक्रिय नजर आते हैं।
बलजीत नगर मामले में मुख्य सवाल यह है कि निर्वाचित पार्षद की अनुपस्थिति में उनके पिता किस अधिकार के तहत निगम अधिकारियों के साथ क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और अधिकारी उन्हें किस हैसियत से मान्यता दे रहे हैं। मामले को लेकर निगम प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
