निगम स्कूलों के बच्चों के लिए शुरू हुआ तारामंडल और प्रधानमंत्री संग्रहालय भ्रमण कार्यक्रम
अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर भारत की विकास यात्रा तक का मिलेगा ज्ञान, 400 विद्यार्थियों को कराया जाएगा भ्रमण
नई दिल्ली, 19 जून। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकालकर अनुभवात्मक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तारामंडल (प्लेनेटेरियम) एवं प्रधानमंत्री संग्रहालय भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम के तहत निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, वैज्ञानिक उपलब्धियों, तकनीकी विकास और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास से रूबरू कराया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभवों और ज्ञानवर्धक गतिविधियों से भी जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बच्चों और युवाओं को तारामंडल का भ्रमण करने तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को जानने के लिए प्रेरित किया था। दिल्ली नगर निगम ने उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए यह विशेष पहल शुरू की है।
महापौर ने कहा कि तारामंडल भ्रमण के दौरान बच्चों को ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी अनेक रोचक जानकारियां प्राप्त होंगी। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वैज्ञानिक सोच का विकास अत्यंत आवश्यक है और ऐसे कार्यक्रम बच्चों को भविष्य में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री संग्रहालय के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को स्वतंत्र भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन, उनके योगदान, देश के विकास में उनकी भूमिका तथा विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी मिलेगी। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संग्रहालय में डिजिटल प्रदर्शनियों और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए बच्चों को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को समझने का अवसर मिलेगा।
दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने कहा कि निगम विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकांश बच्चे ऐसे परिवारों से आते हैं जिनकी पहुंच सामान्यतः इस प्रकार के शैक्षणिक और प्रेरणादायक कार्यक्रमों तक नहीं हो पाती। ऐसे में यह पहल उनके लिए एक अनूठा अवसर है, जहां वे विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम देश की पहली ऐसी शैक्षणिक संस्था बनी है जिसने प्रधानमंत्री के संदेश को व्यवहारिक रूप देते हुए निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों को संगठित रूप से तारामंडल भ्रमण कराने की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम बच्चों को नई सोच, नई दिशा और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगा।
योगेश वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के पहले दिन 200 विद्यार्थियों को तारामंडल एवं प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण कराया गया, जबकि अगले चरण में भी 200 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इस प्रकार कुल 400 विद्यार्थियों को इस विशेष शैक्षणिक यात्रा का लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क परिवहन, प्रवेश, भ्रमण और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के बौद्धिक विकास, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। भ्रमण के दौरान बच्चों ने वैज्ञानिक प्रस्तुतियों, चित्रों, डिजिटल तकनीक और विभिन्न प्रदर्शनों के माध्यम से अनेक नई जानकारियां प्राप्त कीं और उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया।
शिक्षा समिति अध्यक्ष ने बताया कि यह पूरा कार्यक्रम SAARD संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया है, जिसके कारण दिल्ली नगर निगम पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ा। उन्होंने संस्था के प्रतिनिधि सुधीर भटनागर, तारामंडल के अधिकारी रवि किरण, प्रेरणा तथा कार्यक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के निदेशक निखिल तिवारी, निगम के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण, विद्यालयों के कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए ऐसे शैक्षणिक, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यापक अनुभव और नई संभावनाओं से परिचित कराया जा सके। उनका कहना था कि आज के बच्चे ही कल का भारत हैं और उन्हें सही दिशा, प्रेरणा तथा अवसर प्रदान करना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
