नई दिल्ली। फादर्स डे के अवसर पर समाजसेवी एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े मनोज कुमार जैन ने अपने पिता के प्रति भावनात्मक श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जीवन की हर उपलब्धि के पीछे पिता के संस्कार, त्याग और संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मनोज कुमार जैन ने कहा कि पिता केवल जन्मदाता नहीं होते, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले पहले गुरु होते हैं। उनकी डांट में चिंता, खामोशी में अनुभव और संघर्ष में पूरे परिवार का भविष्य छिपा होता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मिली पहचान, समाज सेवा का अवसर और व्यापार में प्राप्त सफलता का श्रेय उनके पिता द्वारा दिए गए संस्कारों और मार्गदर्शन को जाता है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जब-जब जीवन में कठिन परिस्थितियां आईं, उनके पिता ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यहां तक कि जब लोगों ने उनकी क्षमता पर सवाल उठाए, तब उनके पिता ने उन पर सबसे अधिक भरोसा जताया।
फादर्स डे के अवसर पर मनोज कुमार जैन ने अपने पिता को नमन करते हुए कहा कि उनकी सीख ही उनकी पहचान है, उनका आशीर्वाद ही उनकी ताकत है और उनके संस्कार उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं।
उन्होंने कहा, “आपका बेटा होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।”मनोज कुमार जैन का यह भावुक संदेश पिता-पुत्र के रिश्ते की गहराई और भारतीय पारिवारिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
