नई दिल्ली। शाहदरा साउथ जोन में निगम के एक अधिकारी और भाजपा पार्षद के बीच हुए विवाद को लेकर दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत है तो उसके लिए कानून और विभागीय जांच की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि को अधिकारियों को सरेआम अपमानित करने या धमकाने का अधिकार किसने दिया है?
अंकुश नारंग ने कहा कि निगम अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं तथा उन्हें भयमुक्त वातावरण में काम करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी अन्य प्रकार की शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो। लेकिन जांच से पहले किसी अधिकारी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या उसके साथ अभद्र व्यवहार करना लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
अंकुश नारंग ने निगम आयुक्त से पूरे मामले की जांच कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि भविष्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को राजनीतिक दबाव अथवा सार्वजनिक अपमान का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है और अधिकारियों को नियमों के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान एवं सुरक्षा से समझौता किया गया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता विकास और बेहतर नागरिक सुविधाएं चाहती है, न कि राजनीतिक दबंगई और टकराव की राजनीति।
