पीएम-अजय योजना से 47.59 लाख से अधिक लोगों को लाभ, 16,759 गांव बने आदर्श ग्राम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, योजना के आदर्श ग्राम घटक के अंतर्गत देशभर के 47,316 गांवों में 47 लाख 59 हजार 399 नागरिकों को लाभ मिला है। अब तक 46 हजार 782 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा 24 हजार 133 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं।

मंत्रालय के अनुसार, 16 हजार 759 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है। इन गांवों में आधारभूत ढांचे, मूलभूत सुविधाओं और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 22 करोड़ 50 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता से तीन छात्रावास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें दो छात्रावास छात्राओं के लिए हैं और इनसे 750 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना अनुसूचित जाति समुदायों की सामाजिक-आर्थिक विषमताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना लक्षित प्रयासों, राज्यों के सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देती है तथा जमीनी स्तर पर संस्थाओं को सशक्त बनाती है।

योजना के तीन प्रमुख घटक हैं— आदर्श ग्राम, अनुदान सहायता तथा छात्रावास। आदर्श ग्राम घटक के तहत अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समग्र विकास किया जाता है। अनुदान सहायता के माध्यम से आजीविका, कौशल विकास और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाता है, जबकि छात्रावास घटक के तहत विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना पोर्टल और अजय मोबाइल अनुप्रयोग विकसित किया है। इनके माध्यम से ग्राम विकास योजनाओं की तैयारी, परियोजनाओं की स्वीकृति, धनराशि की निगरानी, लाभार्थियों की प्रगति तथा भू-चिह्नित प्रतिवेदन जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है।