भ्रष्टाचार की पोल: DEMS विभाग में ‘स्थायी दरोगा’! वर्षों से एक ही जोन में जमे SI-SS पर उठे सवाल

DMC Act की अनदेखी? पांच साल की सीमा के बावजूद नहीं हुए तबादले, कर्मचारियों ने लगाए शोषण और मनमानी के आरोप

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (MCD) के DEMS विभाग में तैनात कुछ सैनिटरी इंस्पेक्टर (SI) और सैनिटरी सुपरवाइजर (SS) वर्षों से एक ही जोन में जमे होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि स्थानांतरण संबंधी नियमों को दरकिनार कर कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही सीट पर काबिज हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर इन अधिकारियों का तबादला क्यों नहीं किया जाता? व्यंग्यात्मक अंदाज में कर्मचारी पूछ रहे हैं कि “क्या निगम ने इन्हें लाइफटाइम मेंबरशिप दे दी है, जो ये अपनी कुर्सी छोड़ने का नाम ही नहीं लेते?”

आरोप है कि कुछ अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर रहने का लाभ उठाकर अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ड्यूटी और हाजिरी को लेकर मनमानी की जाती है तथा उनका शोषण होता है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में कर्मचारियों से नियमित कार्य न लेकर उन्हें कथित तौर पर “मंथली” व्यवस्था पर घर बैठा दिया जाता है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

कर्मचारियों का कहना है कि DMC Act और निगम की स्थानांतरण नीति के अनुसार लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती उचित नहीं मानी जाती। इसके बावजूद कई अधिकारी वर्षों से एक ही जोन में कार्यरत बताए जा रहे हैं। यहां तक कि चर्चा यह भी है कि कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद भी उसी सीट पर प्रभाव बनाए हुए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।”निगम में नई योजना—’एक बार पोस्टिंग, जीवन भर पोस्टिंग’!ट्रांसफर फाइल शायद छुट्टी पर है, लेकिन कुर्सियां नहीं।”अब सवाल यह है कि क्या निगम प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों की सूची सार्वजनिक करेगा? क्या स्थानांतरण नीति का समान रूप से पालन होगा, या फिर कुछ लोगों के लिए नियम अलग और बाकी कर्मचारियों के लिए अलग रहेंगे?यदि कर्मचारियों के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल स्थानांतरण का नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

इनकी जोन बार खुलासा करेगा बजाते रहो भारत न्यूज जल्द ही ऐसे सीटों से चिपके अधिकारियों को बेनकाब किया जाएगा। आप देखते रहे बजाते रहो भारत न्यूज.!!!