ESI कटौती पर अंकुश नारंग का हमला, बोले- कर्मचारियों की तनख्वाह से पैसा काटकर भी ESI खाते में नहीं पहुंच रहा तो हिसाब दे निगम
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में कर्मचारियों की ESI कटौती को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निगम प्रशासन को घेरा है। कर्मचारियों से ESI के नाम पर नियमित कटौती होने के बावजूद संबंधित अवधि का योगदान ESI रिकॉर्ड में दिखाई नहीं देने के आरोपों को नारंग ने गंभीर मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
अंकुश नारंग ने कहा कि निगम कर्मचारियों की मेहनत की कमाई से हर महीने ESI के नाम पर राशि काटी जाती है। यदि वेतन पर्ची में कटौती दर्ज है, लेकिन कर्मचारी के ESI खाते में उस रकम का रिकॉर्ड नहीं है, तो निगम प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई रकम आखिर गई कहां।
नारंग ने कहा कि निगम प्रशासन केवल कर्मचारियों की सैलरी से पैसा काटकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकता। काटी गई राशि समय पर संबंधित खाते में जमा हुई या नहीं, इसका स्पष्ट हिसाब कर्मचारियों को मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि निगम के वेतन रिकॉर्ड, ESI चालान, बैंक भुगतान और ESIC रिकॉर्ड का महीनेवार मिलान कराया जाए।
‘कर्मचारियों के पैसे का एक-एक रुपये का हिसाब दे निगम’
नारंग ने कहा कि ESI कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्था है। ऐसे में ESI कटौती में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता कर्मचारियों के अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह सामने आता है कि कर्मचारियों से राशि काटी गई, लेकिन निर्धारित समय पर ESIC में जमा नहीं की गई, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
नारंग ने निगम प्रशासन से सवाल किया कि कितने कर्मचारियों से ESI की कटौती हुई, कितनी राशि काटी गई, किस तारीख को ESIC में जमा की गई और संबंधित कर्मचारियों के रिकॉर्ड में वह राशि कब अपडेट हुई—इसका पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है?
‘निगम कर्मचारियों के अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
नारंग ने कहा कि वह निगम कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लगातार सदन और सड़क दोनों स्तरों पर उठाते रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने निगम कर्मचारियों के वेतन, नियमितीकरण, समान वेतन और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि ESI कटौती का मामला सामने आने पर निगम प्रशासन को तत्काल कर्मचारियों के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी है तो उसे छिपाने के बजाय जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
अंकुश नारंग ने चेतावनी दी कि कर्मचारियों की तनख्वाह से काटे गए पैसे का हिसाब देना ही होगा। कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई से कटने वाली हर राशि का पूरा रिकॉर्ड मांगने का अधिकार रखते हैं।
