नई दिल्ली, 31 अगस्त। दिल्ली की जनता की समस्याओं को लेकर मैदान में उतरने वाली भाजपा पार्षद किरण बाला ने अब ऐतिहासिक रामलीला मैदान की बदहाली के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। आगामी 18 अक्टूबर को दशहरा एवं रामलीला पर्व को देखते हुए किरण बाला ने मेयर प्रवेश वाही को पत्र भेजकर मैदान की तत्काल मरम्मत, समतलीकरण और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
किरण बाला ने अपने पत्र में मैदान की मौजूदा स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा है कि जगह-जगह गड्ढे, जलभराव और उबड़-खाबड़ जमीन है। ऐसे में हजारों श्रद्धालुओं और रामलीला देखने आने वाले लोगों की सुविधा एवं सुरक्षा को देखते हुए आयोजन से पहले व्यापक स्तर पर सुधार कार्य जरूरी है।
‘सिर्फ शिकायत नहीं, समाधान के लिए कार्रवाई’
भाजपा पार्षद किरण बाला की कार्यशैली का संदेश साफ है—जनता की समस्या सामने आए तो उसे सिर्फ उठाया नहीं जाए, बल्कि समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। इसी सोच के तहत उन्होंने मेयर को पत्र भेजकर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।
रामलीला कमेटी द्वारा 10 सितंबर से तैयारियों के लिए मैदान की बुकिंग किए जाने की बात सामने आने के बाद पार्षद ने प्रशासन को समय रहते कदम उठाने का आग्रह किया है।
वीआईपी गेट और मंच के पीछे टूटी दीवारें बनीं चिंता
किरण बाला ने अपने पत्र में बताया है कि तुर्कमान गेट की तरफ वीआईपी गेट के पास तथा रामलीला मंच के पीछे की दीवारें गिर चुकी हैं। पत्र में दरगाह फैज़-ए-इलाही मस्जिद की चारदीवारी एमसीडी द्वारा गिराए जाने का भी उल्लेख किया गया है।पार्षद ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थिति का तत्काल आकलन कर आवश्यक निर्माण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर अस्थायी टिन शेड लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आस्था और विरासत के सम्मान की लड़ाई
रामलीला मैदान दिल्ली की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आयोजित होने वाले रामलीला और दशहरा कार्यक्रम से बड़ी संख्या में दिल्लीवासी जुड़े हैं। ऐसे में भाजपा पार्षद किरण बाला ने मैदान की बदहाली को केवल नागरिक सुविधा का मुद्दा न मानकर आस्था, परंपरा और दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत की गरिमा से जुड़ा विषय बनाया है।
किरण बाला का ‘एक्शन मोड’
10 सितंबर से तैयारियां शुरू—18 अक्टूबर को दशहरा। समय कम है और काम बड़ा। इसी को देखते हुए किरण बाला ने सीधे मेयर और संबंधित अधिकारियों के सामने मामला रखा है। पत्र की प्रतिलिपि सिटी-एसपी जोन के अधिशासी अभियंता तथा एमसीडी आयुक्त, सिविक सेंटर को भी भेजी गई है।
भाजपा पार्षद का स्पष्ट संदेश
जनता की सुविधा सर्वोपरि, आस्था के आयोजन में अव्यवस्था स्वीकार नहीं। किरण बाला की पहल ने अब नगर निगम प्रशासन के सामने गेंद डाल दी है। देखना होगा कि रामलीला की तैयारियां शुरू होने से पहले मैदान को गड्ढों और जलभराव से मुक्त कर सुरक्षित एवं आयोजन योग्य बनाने के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
बॉक्स | किरण बाला की मांगें
– रामलीला मैदान का तत्काल समतलीकरण
– गड्ढों और जलभराव की समस्या का समाधान
– क्षतिग्रस्त चारदीवारी का पुनर्निर्माण
– जरूरत पड़ने पर अस्थायी टिन शेड
– दशहरा-रामलीला से पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना
‘जनता के बीच, जनता के मुद्दों पर’
रामलीला मैदान का मुद्दा उठाकर किरण बाला ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा का पार्षद केवल सदन तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी समस्याओं पर भी सक्रिय है। अब उनकी मांग पर प्रशासन की कार्रवाई ही तय करेगी कि ऐतिहासिक रामलीला मैदान आगामी पर्व के लिए समय पर तैयार हो पाता है या नहीं।
