4,400 MTS कर्मचारियों की बढ़ी तनख्वाह पर फिर ‘ग्रहण’!
वेतन बढ़ोतरी की मंजूरी के बाद भी भुगतान पर ब्रेक की चर्चा; MHO के कथित निर्देश ने निगम के सफाई कर्मचारियों में मचाई हलचल
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के करीब 4,400 MTS (DBC) कर्मचारियों के लिए समान वेतन और करीब 10 हजार रुपये मासिक तक की बढ़ोतरी की उम्मीद के बीच एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद अब कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि कहीं उनकी बढ़ी हुई तनख्वाह को फिर से फाइलों और बजट के बीच तो नहीं उलझाया जा रहा?
जानकारी के अनुसार, MHO स्तर से सभी जोनों के DHO को कथित तौर पर निर्देश दिए जाने की चर्चा है कि 4,400 MTS कर्मचारियों की बढ़ी हुई तनख्वाह को फिलहाल रोककर रखा जाए और मामले को अगले बजट तक टाल दिया जाए। हालांकि, इस कथित निर्देश की आधिकारिक पुष्टि निगम की ओर से अभी नहीं हुई है।
फैसला हुआ तो भुगतान क्यों रुका?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि MTS कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर निगम स्तर पर निर्णय और प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, तो अब भुगतान को लेकर असमंजस क्यों पैदा हो रहा है? वर्षों से समान वेतन की मांग कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद थी कि निर्णय के बाद उन्हें तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी। लेकिन अब भुगतान टलने की चर्चा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
MTS कर्मचारी निगम के स्वास्थ्य एवं मलेरिया नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में अपनी सेवाएं देते हैं। डेंगू-मलेरिया की रोकथाम से लेकर घर-घर लार्वा जांच जैसे अभियानों में उनकी भूमिका अहम रहती है। ऐसे में कर्मचारियों का सवाल है कि काम लेने में कोई देरी नहीं होती, लेकिन हक का वेतन देने के समय बजट और प्रक्रिया का हवाला क्यों?
‘अगले बजट’ तक इंतजार क्यों?
अगर बढ़ी हुई तनख्वाह को अगले बजट तक टालने की बात सही साबित होती है, तो यह हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका होगा। कर्मचारी संगठन इस पूरे मामले में निगम प्रशासन से लिखित और स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग कर सकते हैं कि वेतन वृद्धि कब से लागू होगी और कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ कब मिलेगा।
कर्मचारियों का सीधा सवाल—हक का पैसा कब मिलेगा?
4,400 MTS कर्मचारियों की निगाह अब निगम प्रशासन के अगले कदम पर है। कर्मचारियों का कहना है कि सालों की सेवा और लंबे संघर्ष के बाद यदि वेतन बढ़ोतरी का रास्ता साफ हुआ है, तो उसे फिर से रोकना उनके साथ अन्याय होगा।
अब निगम प्रशासन को स्पष्ट करना होगा कि क्या बढ़ी हुई तनख्वाह का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा या वाकई इस मामले को अगले बजट तक लटकाने की तैयारी है? फाइलों में फैसला नहीं, कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई तनख्वाह चाहिए—यही 4,400 MTS कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग बनती जा रही है।
