सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: मलबे से निकले 12 में से 7 की मौत; 3 की हालत बेहद गंभीर

रेस्कयू ऑपरेशन में कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया, अस्पतालों में कराया गया भर्ती; मृतकों में 5 छात्र, एक 75 वर्षीय मजदूर और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल

नई दिल्ली, 7 सितंबर। सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद विभिन्न एजेंसियों ने लगातार राहत और बचाव अभियान चलाकर मलबे के नीचे फंसे कई लोगों को बाहर निकाला। बचाए गए लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में कुल 12 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

अस्पताल पहुंचाए गए 12 लोगों में से 7 ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि 5 घायलों का इलाज जारी है। उपचाराधीन पांच घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई गई है।

हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश युवा छात्र थे। मृतकों की सूची में 20 वर्षीय अभिषेक, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन, 19 वर्षीय अर्पित जहाज और 18 वर्षीय अक्षत सिंह यादव शामिल हैं। इनके अलावा 75 वर्षीय सुरिंदर सिंह और एक अज्ञात पुरुष की भी मौत हुई है।

मृतकों में पांच छात्र

1. अभिषेक, पुत्र संतोष कुमार, निवासी सोनभद्र, उत्तर प्रदेश — उम्र 20 वर्ष, छात्र
2. युवराज सोनी, पुत्र कन्हैया लाल सोनी, निवासी दुर्ग, छत्तीसगढ़ — उम्र 20 वर्ष, छात्र
3. पवन, पुत्र विश्वंभर नाथ, निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश — उम्र 17 वर्ष, छात्र
4. अर्पित जहाज, पुत्र भूपेंद्र जहाज, निवासी देवास, मध्य प्रदेश — उम्र 19 वर्ष, छात्र
5. अक्षत सिंह यादव, पुत्र मंता सिंह यादव, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश — उम्र 18 वर्ष, छात्र
6. सुरिंदर सिंह, पुत्र केवल सिंह — उम्र 75 वर्ष, मजदूर
7. एक अज्ञात पुरुष

पांच घायल, तीन की हालत गंभीर

हादसे में घायल पांच लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) शामिल हैं। आधिकारिक स्थिति के अनुसार इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हैं।

सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर राजधानी में निर्माणाधीन/निर्मित इमारतों की सुरक्षा, भवन नियमों के पालन और संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।