7 मौतें… MCD का कौन जिम्मेदार? मेयर-आयुक्त पर नाज़िया दानिश का सीधा हमला

सत्य निकेतन हादसे ने निगम की ‘भवन सुरक्षा’ व्यवस्था की खोली पोल, नाज़िया का सवाल—मौत से पहले क्यों नहीं जागा MCD?

नई दिल्ली। सत्य निकेतन में भवन हादसे में 7 लोगों की मौत और 5 के घायल होने के बाद दिल्ली नगर निगम के राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। कांग्रेस नेत्री एवं MCD नेता प्रतिपक्ष नाज़िया दानिश ने मेयर प्रवेश वाही और निगम आयुक्त संजीव खिरवार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि मलबे से शव निकलने के बाद सक्रिय होना पर्याप्त नहीं है, MCD को बताना होगा कि हादसे से पहले उसकी निगरानी व्यवस्था कहां थी।

दानिश ने आरोप लगाया कि राजधानी में भवन सुरक्षा के नाम पर निगम के पास पूरा तंत्र मौजूद है, लेकिन जब लोगों की जान बचाने की बारी आती है तो यही तंत्र सवालों के घेरे में खड़ा नजर आता है। उन्होंने कहा कि अगर भवन असुरक्षित था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई और अगर निगम के रिकॉर्ड में कोई खतरा दर्ज नहीं था तो निरीक्षण व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों थी?

मेयर-आयुक्त बताएं—मौतों से पहले MCD कहां था?

नाज़िया दानिश ने मेयर और आयुक्त से सीधे सवाल किया कि सत्य निकेतन की इमारत को लेकर क्या कोई निरीक्षण हुआ था? कोई शिकायत मिली थी? कोई नोटिस जारी हुआ था? यदि कार्रवाई की गई थी तो उसके बावजूद हादसा कैसे हुआ?

उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब भवन विभाग के किसी छोटे अधिकारी या कर्मचारी को आगे करके नहीं दिया जा सकता। निगम का राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक मुखिया जनता के प्रति जवाबदेह हैं।

‘अब कागजी कार्रवाई नहीं, जिम्मेदारी तय हो’

दानिश ने कहा कि सात लोगों की मौत के बाद जांच सिर्फ फाइलों में दबकर नहीं रहनी चाहिए। जांच यह तय करे कि किस स्तर पर लापरवाही हुई, किस अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और निगरानी तंत्र कहां विफल हुआ।

उन्होंने मांग की कि दिल्ली में चिन्हित सभी खतरनाक इमारतों की स्थिति सार्वजनिक की जाए और सत्य निकेतन हादसे की जांच में जिम्मेदारी ऊपर से नीचे तक तय की जाए।

‘मेयर-आयुक्त जवाब दें, सिर्फ संवेदना नहीं’

नाज़िया दानिश ने कहा कि हादसे के बाद मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करना जरूरी है, लेकिन परिवारों को संवेदना से ज्यादा न्याय और जवाब चाहिए। सात जिंदगियां चली गईं और कई परिवार उजड़ गए।

उन्होंने मेयर और निगम आयुक्त से दो टूक कहा कि MCD को यह बताना ही होगा कि जिस भवन सुरक्षा व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, वह हादसे से पहले लोगों की जान बचाने में क्यों विफल रही।दानिश ने कहा—“अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि इमारत क्यों गिरी, सवाल यह भी है कि उसे गिरने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी?”