घड़ौली में अतिक्रमण-अवैध डेयरियों पर निगम का शिकंजा
उप महापौर डॉ. मोनिका पंत का वार्ड-194 में औचक निरीक्षण, आवारा पशुओं पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश
नई दिल्ली। घड़ौली वार्ड-194 में अतिक्रमण, अवैध डेयरियों और सड़कों पर खुलेआम घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या को लेकर दिल्ली नगर निगम एक्शन मोड में आ गया है। उप महापौर डॉ. मोनिका पंत ने मंगलवार को क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को चिन्हित समस्याओं पर तत्काल और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद प्रियंका गौतम, ईस्ट जोन के उपायुक्त अजहरोद्दीन जहीरोद्दीन काजी समेत निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
अतिक्रमण पर प्राथमिकता से कार्रवाई
निरीक्षण की शुरुआत अम्मा ब्लॉक, आशीर्वाद अपार्टमेंट के निकट, जी.डी. कॉलोनी ए-ब्लॉक और घड़ौली क्षेत्र से हुई। उप महापौर ने मौके पर नागरिक सुविधाओं और क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्थानीय लोगों से उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने GBB पॉइंट का भी निरीक्षण किया।
क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण सार्वजनिक स्थानों के प्रभावित होने पर डॉ. पंत ने अधिकारियों को अतिक्रमण वाले स्थानों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत कब्जे को किसी भी कीमत पर नागरिक सुविधाओं में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
अवैध डेयरियों पर भी शिकंजा
अवैध डेयरियों से फैल रही गंदगी, गोबर के अनुचित निस्तारण, दुर्गंध और नालियों के प्रभावित होने की शिकायतों को उप महापौर ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने अधिकार क्षेत्र में नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. पंत ने कहा कि अवैध डेयरियों की समस्या केवल सफाई से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और नागरिक जीवन पर पड़ता है।
सड़कों पर घूमती गायों को लेकर भी सख्ती
सड़कों पर खुले में घूम रहे आवारा पशुओं, विशेषकर गायों के कारण यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग को भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से आवारा पशुओं को पकड़कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके प्रबंधन की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
‘मौके की कार्रवाई नहीं, स्थायी समाधान चाहिए’
उप महापौर डॉ. मोनिका पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई सभी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई हो और विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान हो और अतिक्रमण, अवैध डेयरियों तथा आवारा पशुओं की समस्या दोबारा सिर न उठाए।
उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और अतिक्रमण-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
