पीजी पर एमसीडी के बुलडोजर अभियान पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर!
एमिकस क्यूरी बोले—‘चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं’
दिल्ली में 1,355 पीजी भवन सर्वे के घेरे में, 27 हजार निवासियों का रिकॉर्ड दर्ज; लाजपत नगर, मालवीय नगर, साकेत और सरोजिनी नगर में भी निरीक्षण
नई दिल्ली, 10 सितंबर। दिल्ली में पीजी और अन्य भवनों के खिलाफ दिल्ली नगर निगम का ताबड़तोड़ निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान अब सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में भी दर्ज हो गया है। विविध आवेदन (सिविल) डायरी संख्या 17103/2026 की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने दिल्ली में चल रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि “ऐसा प्रतीत होता है कि चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं।”
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में यह भी दर्ज किया गया कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पीजी हॉस्टल से जुड़ी दुखद घटना के बाद इस मामले का संज्ञान लिया गया था। इसके बाद संबंधित प्राधिकरणों द्वारा न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लगातार कार्रवाई की जा रही है और समय-समय पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा रही हैं।
सुनवाई के दौरान दिल्ली में किए गए निरीक्षणों का भी उल्लेख हुआ। इनमें निर्देशों के तहत विशेष रूप से शामिल लाजपत नगर, मालवीय नगर, साकेत और सरोजिनी नगर जैसे इलाके भी शामिल हैं।
1,355 पीजी भवन, 27 हजार निवासी रडार पर
एमसीडी ने दिल्लीभर में पीजी आवासीय भवनों का व्यापक सर्वेक्षण किया है। अब तक करीब 1,355 भवनों की पहचान की गई है, जहां पीजी सुविधाएं संचालित हो रही हैं। इन भवनों में रहने वाले करीब 27 हजार लोगों का विवरण भी दर्ज किया गया है।
निरीक्षण के दौरान जहां भी अनधिकृत निर्माण, भवन का दुरुपयोग, भवन नियमों का उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा संबंधी खामियां अथवा अन्य वैधानिक उल्लंघन सामने आ रहे हैं, वहां एमसीडी की ओर से नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने स्पष्ट किया है कि पीजी और अन्य भवनों के खिलाफ सर्वेक्षण, निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान दिल्लीभर में लगातार जारी रहेगा। निगम का कहना है कि भवन नियमों और वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना तथा जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना उसकी जिम्मेदारी है।
