महिला शक्ति को आर्थिक ताकत देने मैदान में उतरे मास्टर जय भगवान यादव

चौपाल के 171वें आयोजन में 151 महिलाओं को लघु ऋण; बोले—आत्मनिर्भर नारी ही मजबूत परिवार और सशक्त समाज की पहचान

नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को केवल राजनीतिक नारों तक सीमित रखने के बजाय उसे जमीन पर उतारने की दिशा में नेता सदन मास्टर जय भगवान यादव ने बड़ा सामाजिक संदेश दिया। चौपाल के 171वें आयोजन में कार्यक्रम संयोजक के रूप में उन्होंने 151 कर्मठ एवं ईमानदार महिलाओं को लघु ऋण वितरित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और छोटे कारोबार के लिए आर्थिक संबल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

‘नारी को सहारा नहीं, अवसर चाहिए’

मास्टर जय भगवान यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। जब किसी महिला के हाथ में अपने रोजगार का साधन और निर्णय लेने की आर्थिक शक्ति आती है, तो उसका पूरा परिवार मजबूत होता है और समाज आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता है।उन्होंने कहा कि चौपाल का यह प्रयास उन महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर का दरवाजा खोल रहा है, जो मेहनत और ईमानदारी के दम पर आगे बढ़ना चाहती हैं। 151 महिलाओं को लघु ऋण का वितरण सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है।

जनसेवा के मंच पर दिखा राजनीतिक नेतृत्व

कार्यक्रम में मास्टर जय भगवान यादव की सक्रिय भूमिका ने यह संदेश भी दिया कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल सदन तक सीमित नहीं होती। जनता के बीच पहुंचकर समाज के कमजोर और मेहनतकश वर्ग को आगे बढ़ाने की पहल ही वास्तविक जनसेवा है।उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को बराबरी के अवसर मिलें। नारी शक्ति को मजबूत करना मजबूत भारत की बुनियाद तैयार करना है।

दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल गोवा एवं सिक्किम केदारनाथ साहनी के सुपुत्र प्रदीप साहनी, आरएसएस उत्तरी विभाग कार्यवाह संजीव शर्मा, उत्तर-पश्चिम जिला अध्यक्ष विनोद शेरावत, चौपाल निदेशक प्रवीण बंसल, चांदनी चौक जिला महामंत्री राजा खारी और चौपाल कार्यकारिणी सदस्य संजय शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

लघु ऋण से बड़े सपनों की उड़ान

चौपाल के इस 171वें आयोजन ने महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया—जरूरतमंद महिलाओं को केवल मदद नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देना होगा। 151 महिलाओं को मिला यह आर्थिक संबल उनके छोटे कारोबार और रोजगार की नई शुरुआत का आधार बनेगा।मास्टर जय भगवान यादव की अगुवाई में आयोजित इस पहल ने महिला सशक्तिकरण को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए उसे धरातल पर उतारने का काम किया।