सफाई पर एलजी का ‘सख्त संदेश’, झाड़ू उठाकर बोले—जिम्मेदारी सिर्फ निगम की नहीं, जनता की भी

शकूरपुर की दुर्लभ नाथ वाटिका में तरनजीत सिंह संधू ने खुद किया श्रमदान, युवाओं को दिया ‘मोहल्ले की जिम्मेदारी’ उठाने का मंत्र; सोशल मीडिया पर उठी सफाई की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा

नई दिल्ली, 19 सितंबर। राजधानी की सफाई व्यवस्था को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार को जमीन पर उतरकर बड़ा संदेश दिया। शकूरपुर की दुर्लभ नाथ वाटिका में आयोजित सफाई अभियान में उन्होंने निगम कर्मचारियों और युवा स्वयंसेवकों के साथ खुद श्रमदान किया, हाथ में झाड़ू उठाई और पौधारोपण कर साफ-सुथरी एवं हरित दिल्ली का संकल्प दोहराया। इस दौरान एलजी ने दो टूक कहा कि सफाई व्यवस्था दिल्ली नगर निगम का कर्तव्य है, लेकिन दिल्ली को स्वच्छ रखना केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं—हर नागरिक को भी अपनी जवाबदेही निभानी होगी।

‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ के तहत आयोजित अभियान में ‘वृक्षित फाउंडेशन’ के युवा स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। युवाओं के श्रमदान की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि साफ-सुथरी दिल्ली का रास्ता जनभागीदारी से होकर जाता है। उन्होंने युवाओं से अपने-अपने मोहल्लों की जिम्मेदारी लेने और ‘श्रमदान’ को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

एलजी खुद उतरे मैदान में, झाड़ू उठाकर दिया संदेश

दुर्लभ नाथ वाटिका में उपराज्यपाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उनका यह कदम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों से संवाद कर पार्क की सफाई और उसके रखरखाव को लेकर भी चर्चा की।

 

उन्होंने कहा कि जिस पार्क को युवाओं और निगम कर्मचारियों ने मिलकर साफ किया है, उसे आगे भी साफ रखना पूरे स्थानीय समुदाय की जिम्मेदारी है। सरकार और प्रशासन अपना काम करें, लेकिन नागरिक भी अपनी भूमिका निभाएं—इसी साझेदारी से दिल्ली स्वच्छ बनेगी।

‘घर की तरह मोहल्ला भी साफ रखें’

उपराज्यपाल ने नागरिकों से कूड़ा खुले में न फेंकने और स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह अपने आसपास और मोहल्ले को भी साफ रखना चाहिए।

उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाना सभी का सामूहिक कर्तव्य है।

सोशल मीडिया की शिकायतों पर एलजी की सीधी नजर

उपराज्यपाल ने नागरिकों को यह भरोसा भी दिया कि आज के डिजिटल दौर में स्थानीय समस्याओं को सामने लाने के लिए सोशल मीडिया प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से नागरिक समस्याओं से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी करते हैं और प्रमुखता से सामने आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का प्रयास किया जाता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की सफाई, नागरिक सुविधाओं और अन्य समस्याओं को जिम्मेदारी के साथ सामने लाएं, ताकि संबंधित एजेंसियां उन पर कार्रवाई कर सकें।

आवारा जानवरों पर निगम को सख्त निर्देश

पार्कों में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर भी उपराज्यपाल ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से पार्कों में रोटियां या अन्य खाद्य सामग्री खुले में नहीं छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह जानवर पार्कों में पहुंचते हैं और सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

उपराज्यपाल ने दिल्ली नगर निगम को पार्कों में आवारा जानवरों की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ से स्वच्छता के साथ हरियाली का संदेश

सफाई अभियान के बाद उपराज्यपाल ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति मां की तरह हमारा पालन-पोषण करती है और उसकी रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक दिल्ली में विशेष स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उपराज्यपाल सचिवालय ने विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों को अभियान की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों की तस्वीरें और रिपोर्ट भी सचिवालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद किशन लाल और अजय रवि हंस, दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार, उत्तरी क्षेत्र की उपायुक्त, निगम के अधिकारी, ‘वृक्षित फाउंडेशन’ के युवा स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

एलजी के अभियान से निकले 5 बड़े संदेश

1. सफाई केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, नागरिकों की भी जवाबदेही।

2. युवाओं को अपने मोहल्लों की जिम्मेदारी लेकर श्रमदान को जनआंदोलन बनाना होगा।

3. सोशल मीडिया पर सामने आने वाली प्रमुख नागरिक शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का प्रयास।

4. पार्कों में आवारा पशुओं की समस्या पर निगम को सख्ती के निर्देश।

5. स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को भी जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान।