नई दिल्ली। सड़क पर नियम तोड़ने वालों पर चालान और कार्रवाई जरूरी है, लेकिन यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए केवल डंडा ही समाधान नहीं है। इसी सोच के साथ नंद नगरी सर्किल ट्रैफिक पुलिस लोगों को नियमों का पाठ पढ़ाने के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर ‘ट्रैफिक पाठशाला’ और ‘रोड सेफ्टी अवेयरनेस’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में वाहन चालकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार और दुर्घटनाओं से बचाव के बारे में जानकारी दी जाती है।
नंद नगरी सर्किल की इस पहल का खास पहलू यह है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को नियमों के पीछे की वजह और उनकी उपयोगिता भी समझाई जा रही है। ट्रैफिक पुलिस का संदेश साफ है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर सड़क उपयोगकर्ता की सामूहिक जिम्मेदारी है।
‘ट्रैफिक पाठशाला’ के माध्यम से नई पीढ़ी को यातायात अनुशासन की जानकारी देना भी इस अभियान का अहम हिस्सा है। बचपन से सड़क सुरक्षा के नियमों की समझ विकसित होने से भविष्य में जिम्मेदार और सुरक्षित वाहन चालक तैयार करने में मदद मिलेगी।सुकरात का विचार ‘सबसे बड़ी ताकत डांट या डर नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन है, जो मनुष्य का भविष्य संवारता है’ नंद नगरी ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की सोच को बखूबी दर्शाता है।
