भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार में एमसीडी की आय ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक वर्ष में 14,549 करोड़ रुपये का राजस्व
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने इसे भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार की प्रभावी वित्तीय नीतियों, बेहतर प्रबंधन और राजस्व संग्रहण प्रणाली में सुधार का परिणाम बताया।
सत्या शर्मा ने कहा कि एक समय एमसीडी की आर्थिक स्थिति को लेकर लगातार संकट की चर्चा होती थी, लेकिन आज के आंकड़े दर्शाते हैं कि उचित प्रबंधन और स्पष्ट प्राथमिकताओं के माध्यम से किसी भी संस्था को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमसीडी की कुल आय 12,406.75 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 14,549.06 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस प्रकार निगम की आय में एक वर्ष के भीतर 2,142.31 करोड़ रुपये यानी 17.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एमसीडी की अपनी आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024-25 में निगम का आंतरिक राजस्व 9,400.20 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपये हो गया। यह 19.56 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं दिल्ली सरकार से प्राप्त राजस्व और अनुदान भी 2,983.87 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,309.82 करोड़ रुपये हो गया।
संपत्ति कर और संपत्ति हस्तांतरण शुल्क निगम की आय के प्रमुख स्रोत रहे। वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर से 3,113.07 करोड़ रुपये तथा संपत्ति हस्तांतरण शुल्क से 3,758.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा विज्ञापन, कार पार्किंग और सिविक सेंटर की परिसंपत्तियों से भी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
सत्या शर्मा ने बताया कि विज्ञापन राजस्व में 22.82 प्रतिशत और सिविक सेंटर के सी-ब्लॉक की लीज से होने वाली आय में 142.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे निगम की परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और प्रभावी उपयोग का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण एमसीडी अब सफाई व्यवस्था, लैंडफिल साइटों के निस्तारण, पार्कों के विकास, सड़कों एवं गलियों के रखरखाव, जनस्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगी।
सत्या शर्मा ने निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, करदाताओं और दिल्लीवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में एमसीडी को और अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक तथा जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समन्वय के माध्यम से दिल्लीवासियों को और बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।यह संस्करण समाचार पत्र, पोर्टल या प्रेस रिलीज़ शैली में प्रकाशित करने योग्य है।
