दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर विधानसभा में श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 16 जून ।दिल्ली विधानसभा में आज दिल्ली के प्रथम मुख्यमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी चौधरी ब्रह्म प्रकाश की 108वीं जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आधुनिक दिल्ली के विकास और लोकतांत्रिक यात्रा की कहानी चौधरी ब्रह्म प्रकाश के असाधारण योगदान को स्वीकार किए बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने अपनी दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के माध्यम से दिल्ली को नई दिशा प्रदान की।

विधानसभा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधायक ओम प्रकाश शर्मा और राजकुमार भाटिया सहित चौधरी ब्रह्म प्रकाश के परिजन भी उपस्थित रहे।

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश ने युवावस्था में ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए कई बार जेल यात्राएं कीं। उन्होंने कहा कि सत्ता और पद की बजाय राष्ट्रसेवा उनके जीवन का मूल उद्देश्य था।

उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद भी चौधरी ब्रह्म प्रकाश किसानों के हितों, दिल्ली के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के लिए लगातार संघर्षरत रहे। दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासन और विकास की मजबूत नींव रखी तथा बाद में सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 19 महीने तक जेल में रहकर लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए त्याग किया। उनके जीवन का प्रत्येक अध्याय जनसेवा, सादगी और सिद्धांतों के प्रति समर्पण का उदाहरण है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने चौधरी ब्रह्म प्रकाश को “शेर-ए-दिल्ली” बताते हुए कहा कि उनकी विरासत आज भी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को प्रेरित करती है।

उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि चौधरी ब्रह्म प्रकाश का दूरदर्शी नेतृत्व, जनकल्याण के प्रति समर्पण और सामाजिक सरोकार दिल्ली के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेंगे। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।