प्रचार का शोर, ज़मीन पर कितना जोर? डेंगू-मलेरिया अभियान पर कांग्रेस का हमला

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम द्वारा डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के खिलाफ शुरू किए गए बड़े जन-जागरूकता अभियान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित निगम बीमारी की रोकथाम से ज्यादा प्रचार पर ध्यान दे रहा है और जनता को वास्तविक राहत देने वाले काम पीछे छूट रहे हैं।

शुक्रवार को महापौर प्रवेश वाही ने सिविक सेंटर से 100 ऑटो रिक्शाओं और 450 कर्मचारियों की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। निगम ने इसे मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ बड़े जन-संपर्क अभियान के रूप में पेश किया।

लेकिन कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने सवाल उठाते हुए कहा कि रैली खत्म होते ही कई ऑटो रिक्शाओं से प्रचार सामग्री हटा ली गई, जिससे यह अभियान केवल दिखावे तक सीमित नजर आता है। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया के खिलाफ लड़ाई बैनर, पोस्टर और रैलियों से नहीं, बल्कि नालों की सफाई, जलभराव खत्म करने, एंटी-लार्वा छिड़काव और नियमित फॉगिंग जैसे ठोस कदमों से जीती जा सकती है।

नाज़िया दानिश ने कहा, “दिल्ली के लोग हर साल डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे का सामना करते हैं। ऐसे में निगम को कैमरों के सामने अभियान चलाने के बजाय मोहल्लों में सफाई व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। अगर नाले गंदे रहेंगे और पानी जमा रहेगा तो रैलियां मच्छरों को नहीं रोक सकतीं।”

उन्होंने निगम प्रशासन से मांग की कि सभी वार्डों में सफाई, फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता को पता चल सके कि वास्तविक काम कितना हुआ है।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार और निगम हर साल डेंगू-मलेरिया के मौसम में बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात नहीं बदलते। पार्टी का कहना है कि यदि दिल्ली को वास्तव में मच्छरजनित बीमारियों से मुक्त बनाना है तो प्रचार की राजनीति छोड़कर रोकथाम और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देनी होगी।

हालांकि निगम का दावा है कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ विभिन्न इलाकों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं, डेंगू और मलेरिया को लेकर दिल्ली में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर पहले भी देखने को मिलता रहा है।