नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के सिविक सेंटर में सफाई कर्मचारियों के सम्मान समारोह के दौरान एक तस्वीर और वीडियो ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के महापौर की कुर्सी पर बैठने को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है।

विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने इस घटना को महापौर पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि दिल्ली नगर निगम में महापौर को “प्रथम नागरिक” का दर्जा प्राप्त है और उनकी कुर्सी संवैधानिक एवं संस्थागत सम्मान का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में किसी राजनीतिक पदाधिकारी का उस कुर्सी पर बैठना उचित नहीं माना जा सकता।
अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा महापौर की कुर्सी पर बैठना नगर निगम की मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों की प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक मंचों पर पदों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। विपक्ष ने भाजपा से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों को नजरअंदाज किया गया तो इससे संस्थागत परंपराओं और पदों की गरिमा को लेकर गलत संदेश जाएगा।
हालांकि भाजपा की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि सिविक सेंटर में आयोजित यह कार्यक्रम सफाई कर्मचारियों के सम्मान और नियमितीकरण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित था, लेकिन कार्यक्रम की एक तस्वीर ने पूरे आयोजन को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
सियासी गलियारों में अब इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है और निगम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
