दिल्ली में आग का बढ़ता खतरा: एक महीने में आगजनी की कई बड़ी घटनाएं, शाहदरा की ताजा घटना ने बढ़ाई चिंता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पिछले एक महीने के दौरान आग लगने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। औद्योगिक इकाइयों, गोदामों, बाजारों, झुग्गी बस्तियों और रिहायशी इलाकों में आग लगने की कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला शाहदरा इलाके का है, जहां एक मकान-सह-गोदाम में भीषण आग लग गई।
जानकारी के अनुसार, शाहदरा में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित बिजली के सामान के गोदाम में आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 6 बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि फायरफाइटर्स ने एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है।
पिछले एक महीने में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें औद्योगिक क्षेत्रों के कारखानों, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदामों, बाजारों तथा झुग्गी बस्तियों में लगी आग शामिल हैं। अधिकांश मामलों में शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरणों में खराबी, अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और ज्वलनशील सामग्री के असुरक्षित भंडारण को प्रमुख कारण माना गया है।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम, बिजली की अधिक खपत और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण आग लगने की घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। विभाग लगातार लोगों को विद्युत तारों, उपकरणों और अग्निशमन व्यवस्था की नियमित जांच कराने की सलाह दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती आगजनी की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि बाजारों, गोदामों और रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पुराने बिजली कनेक्शनों और वायरिंग की समय-समय पर जांच भी आवश्यक है।
शाहदरा की ताजा घटना ने एक बार फिर राजधानी में अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए चेतावनी हैं कि सुरक्षा उपायों में किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
