भाजपा उत्तर-पूर्वी जिला ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर किया स्मरण, राष्ट्रवाद के विचारों को बताया प्रेरणास्रोत

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी उत्तर-पूर्वी जिला द्वारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर-पूर्वी जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. यू. के. चौधरी ने की।

इस अवसर पर डॉ. सुधा यादव, सांसद मनोज तिवारी, विधायक अजय महावर, राजकुमार फुलवरिया, सत्या शर्मा, दिनेश प्रताप सिंह, सारिका गुप्ता, गुलाब सिंह राठौर, गौरव खारी सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. यू. के. चौधरी ने कहा कि “हमारे पूर्वजों के कारण ही आज हमारा अस्तित्व है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों के त्याग, संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव को मजबूत किया है।”

डॉ. सुधा यादव ने अपने संबोधन में डॉ. मुखर्जी के जीवन, औद्योगिक नीति और भारत के एकीकरण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेहरू-लियाकत समझौते से असहमति के चलते डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1950 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया और बाद में 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवाद की नई धारा को आगे बढ़ाया।

राजकुमार फुलवरिया ने कहा कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मजबूत आधार दिया। उनकी दूरदर्शी सोच ने आधुनिक भारत के निर्माण की दिशा तय की।”

सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि “एक निशान, एक विधान, एक प्रधान” का संकल्प डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्ष का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि उनके सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचार आज भी देश को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

विधायक अजय महावर ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवाद की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी इसलिए बन सकी है क्योंकि उसके संस्थापकों ने जिस विचार रूपी पौधे को लगाया था, वह आज विशाल वटवृक्ष बन चुका है।

कार्यक्रम में रंजन त्यागी, सचिन मावी, मीडिया प्रभारी दीपक चौहान, राजकुमार झा, सत्यदेव चौधरी, प्रमोद गुप्ता, सतपाल सिंह, पार्षद रेखा रानी सहित उत्तर-पूर्वी जिला भाजपा के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।