दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के दो करीबी गुर्गों को दबोचा, अत्याधुनिक पिस्टल और हथियार बरामद
नई दिल्ली, 27 जून। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ARSC) ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के दो प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जतिन भारद्वाज उर्फ नन्नू और सुखविंदर सिंह उर्फ बग्गा, दोनों निवासी राजपुरा (पंजाब), के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर एक .32 बोर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी पिस्टल (कंट्री मेड पिस्टल), छह जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।क्राइम ब्रांच के अनुसार, पिछले दो-तीन महीनों से विदेश में बैठे गैंगस्टरों द्वारा कारोबारियों से की जा रही रंगदारी की कॉल और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के मामलों की गहन जांच की जा रही थी। तकनीकी निगरानी और फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान कई संदिग्धों की पहचान हुई, जो विदेश में बैठे गैंगस्टरों को हथियार, ठिकाने और अन्य लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी Zangi और Signal जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए गैंगस्टरों के संपर्क में थे।
24 जून को मिली गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने रोहिणी के बहादुर शाह मार्ग, पंसाली चौक इलाके में जाल बिछाया और रात करीब 10:50 बजे जतिन भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद उसकी निशानदेही पर हथियार सप्लाई करने वाले सुखविंदर सिंह उर्फ बग्गा को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस मिले।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के लिए हथियारों और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन का संचालन करने के साथ-साथ उसके शूटरों को ठिकाने उपलब्ध कराने का काम भी करते थे। जांच में यह भी सामने आया कि बग्गा ने धमकी और डर का माहौल बनाकर पंजाब में अवैध नशे के कारोबार पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश की थी।जतिन भारद्वाज के खिलाफ वर्ष 2014 से 2025 के बीच चोरी, लूट, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट समेत 14 आपराधिक मामले, जबकि सुखविंदर सिंह के खिलाफ 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि गोल्डी ढिल्लों का गिरोह विदेश से संचालित होकर रंगदारी, अवैध हथियारों की तस्करी, नशे के कारोबार और हिंसक अपराधों को अंजाम देता है। गिरोह एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर स्थानीय अपराधियों के जरिए वारदातों को अंजाम दिलाता है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
