सुरक्षा मानकों की अनदेखी ले रही लोगों की जान, ईडी पार्टी की सरकार बनाए सख्त कानून- पुनीत राय
मुंडका में सेप्टिक टैंक में तीन लोगों की दम घुटने से हुई मौत सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है- पुनीत राय
नई दिल्ली, 27 जून 2026।दिल्ली में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते लगातार हो रही घटनाओं में लोग जान गंवा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने ईडी पार्टी की दिल्ली सरकार से सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग की है। एमसीडी करोल बाग जोन के चेयरमैन पुनीत राय ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद सेप्टिक टैंकों की मैनुअल सफाई कराई जा रही है और सरकार कोई संज्ञान नहीं ले रही है। मुंडका में सेप्टिक टैंक में तीन लोगों की मौत इसी लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बार-बार घटनाएं हो रही हैं। अगर सख्त कानून होता तो कई घटनाएं रोकी जा सकती थीं।
शनिवार को “आप” मुख्यालय पर एमसीडी करोल बाग जोन के चेयरमैन पुनीत राय ने कहा कि मुंडका में तीन लोग एक सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से मर गए। यह सेप्टिक टैंक एक फैक्ट्री के अंदर स्थित था। फैक्ट्री वाले ने बाहर विज्ञापन लगाया हुआ था कि सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए कुछ व्यक्तियों की जरूरत है। यह स्पष्ट कानून है कि सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई नहीं की जा सकती, इसके बावजूद इसे साफ कराया गया। सफाई के लिए तीन लोगों को बुलाया गया। जान गंवाने वाले इन तीन व्यक्तियों के नाम अरुण, संदीप और चांद हैं। सबसे पहले चांद टैंक साफ करने के लिए अंदर गए और वहां फंस गए। उन्हें बचाने के लिए अरुण गए और उसके बाद संदीप गए। तीनों वहां फंस गए और टैंक के अंदर ही दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुनीत राय ने बताया कि यह इस तरह का कोई पहला वाकया नहीं है। पिछले तीन महीने के अंदर फरवरी में नरेला में इसी कारण से दो लोगों की मौत हुई, मार्च में दिल्ली जल बोर्ड के सीवर में गिरकर लोग मरे और मई में न्यू अशोक नगर में भी ऐसी ही मौत हुई। जब यह घटनाएं बार-बार हो रही हैं, तो हम ईडी पार्टी से पूछना चाहते हैं कि इसके ऊपर कोई कड़ा कानून क्यों नहीं बनाया गया? अगर ईडी पार्टी की सरकार ने इसके ऊपर कड़ा कानून बनाया होता, तो आज बहुत सारे लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
पुनीत राय ने कहा कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करके कुछ गिरफ्तारियां कर ली गईं, लेकिन इन गिरफ्तारियों से जान गंवाने वाले लोग वापस नहीं आने वाले हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की तरफ से ईडी पार्टी से अपील की कि भविष्य के लिए सख्त कानून बनाया जाए और सभी फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। केंद्र, दिल्ली और एमसीडी तीनों जगह काबिज ईडी पार्टी की सरकार इसके ऊपर कोई कानून लागू नहीं कर रही है और कोई कदम नहीं उठा रही है। ईडी पार्टी की सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और इसके ऊपर कड़े से कड़ा कानून बनाना चाहिए।
उधर, निगम पार्षद राकेश जोशी ने कहा कि नरेला में डीडीए के एक खुले नाले में डूबकर एक 36 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है। क्षेत्र के लोग लगातार डीडीए से इस नाले को ढकने की मांग करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। आम आदमी पार्टी की स्थानीय निगम पार्षद नेहा मिश्रा ने भी समय-समय पर डीडीए अधिकारियों को शिकायत दी और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को वीडियो बनाकर भेजी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस नाले में पहले भी कई बार छोटे बच्चे और गाय-कुत्ते जैसे जानवर गिर चुके हैं, जिन्हें स्थानीय लोग निकालते थे। लोगों की बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने घोर लापरवाही बरती और कोई काम नहीं किया।
राकेश जोशी ने कहा कि मानसून आ रहा है और बरसाती नालों की सफाई के कारण पूरी दिल्ली में कई जगह नाले खुले पड़े हैं, जो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। जब से दिल्ली में ईडी पार्टी की सरकार बनी है, तब से दिल्ली में मौत की दुकान शुरू हो गई है। आज नगर निगम, दिल्ली सरकार और केंद्र तीनों जगह ईडी पार्टी है और दिल्ली की जनता बेहद परेशान है।
राकेश जोशी ने आगे कहा कि दिल्ली में आए दिन हादसे हो रहे हैं। साकेत, मालवीय नगर और करावल नगर में बिल्डिंग गिरने से लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं खुलती। मानसून आने वाला है और दिल्ली में कई ऐसी खतरनाक इमारतें हैं जो कभी भी गिर सकती हैं। हादसे के बाद सिर्फ एक-दूसरे पर दोष मढ़ा जाएगा। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि दिल्ली की सभी खतरनाक इमारतों का समय पर सर्वे करके उनके खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
राकेश जोशी ने कहा कि जब से दिल्ली में ईडी पार्टी की चार इंजन वाली सरकार बनी है, जिसमें नगर निगम, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और एलजी साहब शामिल हैं, तब से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है और दिल्ली में हर जगह कूड़े के पहाड़ तथा जलभराव देखने को मिल रहा है। दिल्ली की सड़कें टूटी और खुदी पड़ी हैं, जो हादसों का बड़ा कारण बनेंगी। बारिश के समय इन गड्ढों में गिरने से दुर्घटनाएं होंगी, इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करके इन सभी कार्यों को सुचारू रूप से ठीक करना चाहिए।
