मानसून से पहले सभी नालों की डी-सिल्टिंग समयबद्ध ढंग से पूरी करें : सत्या शर्मा

अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने, अतिक्रमण हटाने और जलभराव रोकने के दिए निर्देश

नई दिल्ली।दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्षा श्रीमती सत्या शर्मा ने शाहदरा नॉर्थ जोन के प्रमुख नालों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी नालों की डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) का कार्य हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि वर्षा के दौरान राजधानी में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की निगम पार्षद सुश्री रेखा रानी भी उपस्थित रहीं। नगर निगम के साथ सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC), लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी निरीक्षण में भाग लिया।

श्रीमती सत्या शर्मा ने खजूरी चौक स्थित स्केप-1 ड्रेन तथा गंगा विहार ट्रंक ड्रेन टी-पॉइंट का निरीक्षण कर डी-सिल्टिंग कार्यों की प्रगति, जल निकासी व्यवस्था और नालों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान सत्या शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी के कारण जल निकासी व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा ने नालों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमणों को तत्काल हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाने में प्रशासन को उनका पूरा सहयोग मिलेगा और जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा मानसून से पूर्व सभी आवश्यक कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न नालों पर चल रहे कार्यों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। इस पर श्रीमती सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्लीवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।