एमसीडी के टोल टेंडर में 500 करोड़ का घोटाला, टेंडर रद्द करे भाजपा सरकार- प्रवीण कुमार
एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में आम आदमी पार्टी ने टोल टैक्स टेंडर में हुए 500 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का उठाया मुद्दा
नई दिल्ली, 27 जुलाई ।आम आदमी पार्टी ने सोमवार को हुई एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के दौरान टोल टैक्स टेंडर में हुए 500 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का मुद्दा पूरजोर तरीके से उठाया। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार व प्रीति डोगरा के साथ कमेटी के सदस्य प्रवीण कुमार राजपूत ने टेंडर देने में सांठगांठ को लेकर भाजपा पर तीखे हमले किए। प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार को तुरंत टोल टेंडर को रद्द कर ओपन टेंडर लेना चाहिए ताकि एमसीडी को ज्यादा रेवेन्यू मिल सके। उन्होंने कहा कि टेंडर के लिए आए सात बिड आई थी। लेकिन इनमें से 1100 करोड़ समेत चार सबसे बड़ी बिड को जानबूझ कर स्वीकार नहीं किया गया। टेंडर के नियम भी बदले गए ताकि भाजपा के करीबियों को ही टेंडर मिले।

प्रवीण कुमार ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी का चेयरमैन पहले भी भाजपा का था और अभी भी भाजपा का ही बना है। लेकिन भाजपा के राज में घोटालों पर घोटाले हो रहे हैं। भाजपा ने एमसीडी को कमाई का अड्डा बन बना दिया है। उन्होंने बताया कि 5 जून 2026 को भाजपा की एमसीडी सरकार द्वारा टोल टैक्स और ईसीसी कलेक्शन का एक टेंडर निकाला गया, जिसमें 500 करोड़ रुपए का भयंकर घोटाला सामने आया है। अपने सगे-संबंधियों को टेंडर देने की पूरी साजिश के तहत यह कार्रवाई की गई और टेंडर के नियम भी बदले गए ताकि उनके करीबियों को ही टेंडर मिल सके। ईसीसी के टेंडर में सात बिड आई थीं, जिनमें से चार को बाहर कर दिया गया और तीन बिड को स्वीकार कर लिया गया। इसमें 1100 करोड़ रुपए की सबसे बड़ी बिड को जानबूझकर बाहर कर दिया गया और 936 करोड़ रुपए या उससे नीचे की बिड को स्वीकार कर लिया गया।
प्रवीण कुमार ने कहा कि यह अपने आप में बहुत बड़ा घोटाला है। जब एमसीडी को 1100 करोड़ का ज्यादा रेवेन्यू मिल सकता था, तो एमसीडी में बैठी भाजपा की सरकार को क्या पड़ी है कि वह 936 करोड़ का रेवेन्यू लेना चाहती है? यह बहुत बड़ी साठगांठ है। साथ ही, फाइनेंसियल बिड में जो तीनों कंपनियां क्वालीफाई हुई हैं, वे तीनों मुंबई की कंपनियां हैं। एक तरह से यह साठगांठ का कार्टेल इन कंपनियों द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें भाजपा भी शामिल है। एमसीडी में इस तरह की लूट पूरी तरह से गलत है और हम इसे बिल्कुल सहन नहीं करेंगे।प्रवीण कुमार ने आगे कहा कि नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने इस मुद्दे पर पहले ही कमिश्नर को चिट्ठी लिख दी है, लेकिन भाजपा की जिद लगातार बनी हुई है। वे अपने सगे-संबंधियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस बिड और टेंडर को लगातार जारी रख रहे हैं। हम मांग करते हैं कि इस टेंडर को तुरंत खारिज किया जाए और इसमें से 122 लेन का जो क्लॉज है, उसे हटाया जाए। एक ओपन टेंडर किया जाए जिससे एमसीडी को ज्यादा से ज्यादा रेवेन्यू मिल सके। आज आम आदमी पार्टी के स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने मीटिंग में यह मुद्दा पूरी मजबूती से उठाया है। आम आदमी पार्टी इस तरह की लूट को बिल्कुल भी चलने नहीं देगी।

एमसीडी की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि एमसीडी में खरीद-फरोख्त करके उन्होंने सरकार किस लिए बनाई थी। वे एमसीडी में सिर्फ घोटाले पर घोटाले करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब एमसीडी को 1100 करोड़ रुपए का फायदा हो सकता था, तो फिर टेंडर 936 करोड़ रुपए पर क्यों रोक दिया गया? एमसीडी में आजकल जितने भी टेंडर हो रहे हैं, वे सिर्फ भाजपा के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं।
प्रीति डोगरा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने पुरजोर तरीके से यह आवाज उठाई है कि भाजपा को एमसीडी में ये घोटाले और जनता के साथ धोखाधड़ी बंद करनी होगी। अगर ये गलत काम नहीं रुके, तो आम आदमी पार्टी इसका हमेशा पुरजोर विरोध करती रहेगी और दिल्ली में चल रहे इन घोटालों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य प्रवीण कुमार राजपूत ने कहा कि पांच महीने बाद चुनाव हुआ और दोबारा भाजपा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाए गए। यह बहुत बड़े दुर्भाग्य की बात है कि एमसीडी की सबसे मजबूत स्टैंडिंग कमेटी की पांच महीने (मार्च से जुलाई) तक कोई बैठक ही नहीं हुई। सोचने का विषय है कि बहुमत की सरकार होने के बावजूद पांच महीने तक चुनाव क्यों नहीं हुआ?
प्रवीण कुमार राजपूत ने बताया कि इसका कारण यह है कि इन पांच महीनों में भाजपा नेताओं ने बिना कोई प्रस्ताव स्टैंडिंग कमेटी में लाए खुली लूट मचाई है, जिसका जीता-जागता उदाहरण टोल टैक्स का टेंडर है। नियमानुसार टोल टैक्स का टेंडर स्टैंडिंग कमेटी के माध्यम से आना चाहिए था। जो नेता सदन पिछले साल डिप्टी मेयर थे, उन्होंने खुद लिखित में इस प्रस्ताव को स्टैंडिंग कमेटी में भेजने और नियमों में बदलाव को पास करवाकर दोबारा सदन में लाने को कहा था। लेकिन आज वही कागज स्टैंडिंग कमेटी में नहीं भेजे जा रहे हैं और टेंडर सीधे पास कर दिए गए।
प्रवीण कुमार राजपूत ने कहा कि पांच महीने तक चुनाव टालना भाजपा की सरकार द्वारा एमसीडी में की जा रही खुली डकैती का प्रमाण है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब पुरानी कंपनी से ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा था, तो नया टेंडर कम में क्यों दे दिया गया? एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार के समय हमारी मेयर शैली ओबेरॉय ने टोल टैक्स के प्रस्ताव पर स्पष्ट रूप से लिखकर दिया था कि टेंडर में प्रतिस्पर्धा बढ़नी चाहिए ताकि लोग ज्यादा हिस्सा लें और एमसीडी का रेवेन्यू बढ़े। इस बात के सदन के एजेंडे पर मेयर के बकायदा हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, लेकिन भाजपा ने अपने लोगों को ठेका देने के लिए प्रतिस्पर्धा को खत्म कर दिया। आम आदमी पार्टी और स्टैंडिंग कमेटी का एक-एक सदस्य सदन के अंदर इस खुली डकैती के खिलाफ लड़ता आया है और आगे भी भाजपा को इस तरह की लूट नहीं करने देगा।
