दिल्ली विधानसभा में न्यायिक अधिकारियों का संवैधानिक संवाद

शक्तियों का पृथक्करण संस्थागत अलगाव नहीं, संवैधानिक संतुलन का आधार : विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली, 28 जुलाई। दिल्ली विधानसभा सचिवालय के युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत सोमवार को दिल्ली विधानसभा में 45 प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों, संकाय सदस्यों और दिल्ली न्यायिक अकादमी के विधि छात्रों का विशेष शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संविधान के तहत शक्तियों का पृथक्करण संस्थाओं के बीच दूरी नहीं, बल्कि परस्पर सम्मान, उत्तरदायित्व और संवैधानिक संतुलन सुनिश्चित करने की व्यवस्था है।

उन्होंने कहा कि विधायिका और न्यायपालिका की भूमिकाएं अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों का साझा उद्देश्य न्याय, जवाबदेही और कानून के शासन को मजबूत करना है। न्यायिक अधिकारियों से उन्होंने आग्रह किया कि वे कानून को केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास मजबूत करने का माध्यम मानें।

उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न्यायिक अधिकारियों और विधि छात्रों को विधायिका की कार्यप्रणाली तथा कानून निर्माण की प्रक्रिया को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।लोकसभा के पूर्व महासचिव पी. डी. टी. आचार्य ने “विधायिका-न्यायपालिका संबंध : व्यवहार में शक्तियों का पृथक्करण” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारतीय संविधान में शक्तियों का पृथक्करण कठोर नहीं, बल्कि संतुलित व्यवस्था पर आधारित है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 105, 123 और 194 सहित कई ऐतिहासिक मामलों का उल्लेख करते हुए विधायिका और न्यायपालिका की संवैधानिक सीमाओं एवं अधिकारों की विस्तार से व्याख्या की।

दिल्ली सरकार के विधि, न्याय एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव रीतेश सिंह ने बताया कि पहली बार न्यायिक अधिकारियों के लिए दिल्ली विधानसभा का भ्रमण उनके वार्षिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का स्थायी हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने विधानसभा की विधायी विरासत के संरक्षण के लिए अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की पहल की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने दिल्ली विधानसभा के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री देखी, “एक शताब्दी यात्रा” कॉफी टेबल बुक की प्रस्तुति में भाग लिया तथा विधानसभा सदन का भ्रमण कर विधायी प्रक्रिया, संवैधानिक परंपराओं और लोकतांत्रिक विरासत की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।