पीतमपुरा में आज होगी ‘RSS@100 – एक सदी संकल्प की’ पर राष्ट्रीय परिचर्चा
संघ के 100 वर्षों की विचार यात्रा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक चेतना पर होगा मंथन; दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्रराज सहित कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
नई दिल्ली, 31 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की विचार यात्रा, संगठनात्मक विकास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका पर केंद्रित पुस्तक ‘RSS@100 – एक सदी संकल्प की’ पर शनिवार को पीतमपुरा में एक विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी। “हम – एक नई शुरुआत” संस्था की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम शनिवार, 1 अगस्त को सायं 6:45 बजे भारत विकास परिषद भवन, बीडी ब्लॉक, पीतमपुरा में होगा। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी।
परिचर्चा का मुख्य विषय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, उसके वैचारिक विकास, संगठन विस्तार तथा राष्ट्र निर्माण में निभाई गई भूमिका रहेगा। पुस्तक का लेखन श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी ने किया है, जिसमें संघ के सौ वर्षों के विभिन्न आयामों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र इंद्रराज, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू तथा भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन उपस्थित रहेंगे। वहीं विधायक राजकुमार भाटिया, अशोक देवराहा, श्याम शर्मा, राष्ट्रीय कवि गजेंद्र सोलंकी, राजेश भाटिया और तिलक राज कटारिया अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जिला अध्यक्ष अजय खटाना, जिला प्रभारी योगेश अत्रेये तथा केशवपुरम ज़ोन के सभी निगम पार्षद भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. विभा नागपाल ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जागरूक, संगठित और संस्कारित बनाने के लिए ऐसे बौद्धिक विमर्श अत्यंत आवश्यक हैं। उनका कहना है कि कोई भी राष्ट्र तभी सशक्त बन सकता है, जब उसकी संस्कृति मजबूत हो और युवा पीढ़ी संस्कारों एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत हो। इसी उद्देश्य से संस्था समय-समय पर समाजोपयोगी और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अमित नागपाल ने सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक तथा राष्ट्रहित में रुचि रखने वाले नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास, विचार और योगदान को समझने के इच्छुक लोगों के लिए यह परिचर्चा एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।
