संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की दिशा में एमसीडी की बड़ी पहल

महापौर प्रवेश वाही ने आयुक्त को लिखा पत्र, 15 दिन में मांगी विस्तृत कार्ययोजना; ए, बी और सी श्रेणी के रिक्त पदों पर कार्यरत पात्र कर्मचारियों के एकमुश्त नियमितीकरण की संभावनाएं तलाशने के निर्देश

नई दिल्ली, 31 जुलाई। दिल्ली नगर निगम के लाखों कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर महापौर प्रवेश वाही ने बड़ा कदम उठाया है। महापौर ने निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पत्र लिखकर ए, बी एवं सी श्रेणी के स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर वर्षों से कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा और उनके एकमुश्त नियमितीकरण की संभावनाओं पर 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

महापौर ने कहा कि निगम द्वारा सीधे भर्ती किए गए अनेक संविदा कर्मचारी वर्षों से नियमित कर्मचारियों के समान जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय निगम की सेवा में लगाया है और कई कर्मचारी अन्य सरकारी नौकरियों की आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। ऐसे कर्मचारियों के अनुभव और योगदान को देखते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करना निगम की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है।

पत्र में महापौर ने सभी विभागों में कार्यरत पात्र संविदा कर्मचारियों की विभागवार पहचान, उनकी योग्यता, नियुक्ति प्रक्रिया और रिक्त स्वीकृत पदों के अनुरूप उनकी स्थिति का परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों, संवैधानिक प्रावधानों और प्रचलित भर्ती नियमों के अनुरूप ही संचालित की जाए, ताकि किसी प्रकार की कानूनी बाधा उत्पन्न न हो।

महापौर ने सुझाव दिया है कि जहां नियमित पद उपलब्ध न हों, वहां विधिक एवं वित्तीय स्वीकृति के अधीन सुपरन्यूमरेरी पद सृजित करने की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाए। साथ ही पात्र कर्मचारियों को एकमुश्त नियमितीकरण अथवा कम से कम नियमित पद की सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा सुरक्षा देने, समान कार्य के लिए समान वेतन, महंगाई भत्ता, अवकाश, कर्मचारी कल्याण योजनाओं और अन्य वैधानिक सेवा लाभ उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी विचार करने को कहा गया है।

महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की प्रक्रिया इस प्रकार संचालित की जाए कि वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों के सामने रोजगार समाप्त होने की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने हरियाणा सरकार और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा लिए गए समान निर्णयों का अध्ययन कर उपयुक्त मॉडल अपनाने का भी सुझाव दिया है।

महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अपने कर्मचारियों को केवल मानव संसाधन नहीं, बल्कि शहर की सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति मानता है। वर्षों से समर्पण के साथ कार्य कर रहे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके लिए विधिसम्मत एवं न्यायसंगत समाधान खोजने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।