दिलशाद गार्डन में कानून को खुली चुनौती! गुरुद्वारे के सामने कथित अवैध निर्माण, MCD की चुप्पी पर उठे सवाल

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में गुरुद्वारे के सामने चल रहे एक कथित अवैध निर्माण ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्वीकृत भवन-नक्शे और आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य तेजी से जारी है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।

निवासियों का कहना है कि यदि निर्माण वास्तव में बिना स्वीकृति के हो रहा है, तो यह केवल भवन नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि शहरी नियोजन व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और नगर निगम के राजस्व को चुनौती देने जैसा मामला है। आरोप है कि निर्माण कार्य ऐसे जारी है मानो नियम-कानून का कोई अस्तित्व ही न हो।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि आम नागरिक छोटे-से निर्माण के लिए भी निगम की अनुमति लेने को बाध्य हैं, तो फिर बड़े निर्माण कार्य बिना कार्रवाई के कैसे चलते रहते हैं? लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम तत्काल स्थल का निरीक्षण करे, निर्माण की वैधता की जांच करे और यदि अनियमितता पाई जाती है तो निर्माण पर तत्काल रोक, नोटिस, जुर्माना तथा दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही पूरे मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत की आशंका की भी जांच की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कानून का राज तभी स्थापित होगा जब नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ कार्रवाई में लापरवाही बरतने वालों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।