ई-20 पर केंद्र सरकार से भिड़ी ‘आप’, पीएम से मिलने जा रहे केजरीवाल को पुलिस ने रोका
2.33 लाख हस्ताक्षरों वाली याचिका पीएमओ को सौंपी, सड़क पर धरने के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
नई दिल्ली, 4 अगस्त। ई-20 पेट्रोल के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार आमने-सामने आ गए। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 100 लोगों के प्रतिनिधिमंडल और 2.33 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों वाली याचिका लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने प्रधानमंत्री आवास के लिए पैदल मार्च कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल समर्थकों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने याचिका प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

धरने को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ई-20 नीति देश के करोड़ों वाहन मालिकों पर जबरन थोपी जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायत है कि ई-20 से वाहनों की माइलेज कम हो रही है, इंजन और अन्य पुर्जों पर असर पड़ रहा है तथा रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की बात सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल ने चेतावनी दी कि यदि ई-20 नीति वापस नहीं ली गई तो देशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे प्रतिनिधिमंडल को रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि 2.33 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें रास्ते में रोक दिया गया।

अंकुश नारंग ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि करोड़ों वाहन मालिक ई-20 को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो सरकार को पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए। पुलिस बल के सहारे जनता की आवाज दबाने से लोगों की चिंताएं समाप्त नहीं होंगी।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हितों की अनदेखी कर रही है, जबकि वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 से जुड़े मुद्दों पर देशभर से लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि ई-20 के मुद्दे पर उसका अभियान जारी रहेगा। पार्टी का कहना है कि पंजाब विधानसभा में ई-20 वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है और अन्य राज्यों में भी पार्टी के विधायक इसी तरह के प्रस्ताव लाएंगे। पार्टी ने केंद्र सरकार से ई-20 नीति पर पुनर्विचार करने, व्यापक जनसंवाद शुरू करने तथा वाहन मालिकों की चिंताओं का समाधान करने की मांग की है।
