रिहायशी इलाकों में ‘डार्क स्टोर’ का बढ़ता जाल, सरकार से कार्रवाई की मांग
क्विक-कॉमर्स, कोरियर और बल्क सप्लाई सेंटरों से ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा संकट का आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली की रिहायशी कॉलोनियों में तेजी से बढ़ रहे क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर, कोरियर हब और बल्क सप्लाई सेंटर अब स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। इन सेंटरों पर दिन-रात डिलीवरी एजेंटों और बाहरी लोगों की आवाजाही, बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों की पार्किंग तथा टेम्पो और अन्य व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही से कॉलोनियों में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया है।
सहयोग दिल्ली के अध्यक्ष और मनोनीत निगम पार्षद मनोज कुमार जैन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रिहायशी क्षेत्रों में ऐसे व्यावसायिक सेंटरों के संचालन को लेकर स्पष्ट नीति बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों पर कार्रवाई की मांग की है।मनोज जैन ने कहा कि कई रिहायशी कॉलोनियों में Blinkit, Swiggy Instamart, Zepto सहित विभिन्न क्विक-कॉमर्स कंपनियों, कोरियर कंपनियों और बल्क सप्लाई से जुड़े सेंटर संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार कुछ स्थानों पर एक साथ 30 से 40 तक मोटरसाइकिल और स्कूटर खड़े रहते हैं, जबकि सामान की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आने वाले टेम्पो और अन्य व्यावसायिक वाहन सड़कों पर खड़े होने से रास्ते संकरे हो जाते हैं।
सड़कों का हो रहा व्यावसायिक इस्तेमाल
पत्र में आरोप लगाया गया है कि रिहायशी कॉलोनियों की सड़कें और आसपास के सार्वजनिक स्थान धीरे-धीरे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने लगे हैं। लगातार वाहनों की आवाजाही, हॉर्न, लोडिंग-अनलोडिंग और डिलीवरी एजेंटों की भीड़ के कारण कॉलोनियों का शांतिपूर्ण रिहायशी वातावरण प्रभावित हो रहा है।
मनोज जैन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों में संचालित ऐसे सेंटरों का तत्काल सर्वे कराया जाए। सर्वे के दौरान उनके लाइसेंस, ट्रेड परमिशन, भूमि उपयोग और अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सेंटरों के खिलाफ बंद या सील करने की कार्रवाई की जाए।
कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स जोन में हों शिफ्ट
उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और होम डिलीवरी सेवाओं का विरोध नहीं किया जा रहा है, लेकिन इनके संचालन के लिए उचित स्थान, पर्याप्त पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। ऐसे बड़े डिलीवरी, डिस्ट्रिब्यूशन और बल्क सप्लाई सेंटरों को निर्धारित Commercial, Industrial और Logistics Zones में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
मनोज जैन ने मुख्यमंत्री से इस मामले में एमसीडी, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, डीडीए और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय कर व्यापक नीति बनाने तथा जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि शहर में ई-कॉमर्स का विस्तार नागरिक सुविधाओं और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
