भाजपा की चार इंजन सरकार में दिल्ली कूड़े और जलभराव से बेहाल: अंकुश नारंग

स्थायी समिति की बैठक में ‘आप’ पार्षदों ने सफाई व्यवस्था, नालों की डिसिल्टिंग और कर्मचारियों के मुद्दे पर भाजपा को घेरा

नई दिल्ली, 20 अगस्त। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने राजधानी की बदहाल सफाई व्यवस्था, नालों की डिसिल्टिंग और निगम कर्मचारियों से जुड़े लंबित फैसलों को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की सरकार होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। थोड़ी सी बारिश में सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो जाती हैं और इसका खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी की सबसे पहली जिम्मेदारी साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन है, लेकिन भाजपा इस बुनियादी जिम्मेदारी को निभाने में भी विफल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद दिल्ली की गलियां और सड़कें कूड़े के ढेर में तब्दील हो गई हैं। जगह-जगह वल्नरेबल प्वाइंट बन गए हैं और राजधानी में हर तरफ कूड़ा दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कूड़े के पहाड़ खत्म करने के दावे करते थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि पुराने कूड़े के पहाड़ तो कम नहीं हुए, बल्कि दिल्ली की गलियां और मोहल्ले भी कूड़े के ढेर में बदल गए हैं। उनके मुताबिक, ‘कूड़ा मुक्त दिल्ली’ के नाम पर केवल अभियान चलाने का दिखावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्थिति इसके विपरीत है।

अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को 48 सीटों का जनादेश दिया और एमसीडी में भी भाजपा सत्ता में है। इसके बावजूद सरकार की चारों इंजन वाली व्यवस्था जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता और निगम कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक लगातार उठाती रहेगी।

‘134 फीसदी डिसिल्टिंग का दावा, फिर आधे घंटे की बारिश में चार फुट पानी क्यों?’

स्थायी समिति सदस्य प्रवीण राजपूत ने आरोप लगाया कि निगम द्वारा नालों की डिसिल्टिंग को लेकर जारी रिपोर्ट जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि एमसीडी 134 फीसदी ड्रेन डिसिल्टिंग का दावा कर रही है, लेकिन आधे घंटे की बारिश में दिल्ली के कई इलाकों में चार-चार फुट पानी भर जाता है। इससे साफ है कि नालों की सफाई के दावों की हकीकत क्या है।

उन्होंने कहा कि कमिश्नर, चेयरमैन और स्थायी समिति के सदस्य यदि मौके पर जाकर निरीक्षण करें तो निगम की रिपोर्ट और जमीनी स्थिति का अंतर सामने आ जाएगा। प्रवीण राजपूत ने दावा किया कि दिल्ली में जगह-जगह नाले जाम हैं और कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।

सफाई कर्मचारी की मौत पर भाजपा को घेरा

प्रवीण राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सफाई कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान एक सफाई कर्मचारी की हत्या हो गई, लेकिन पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए भाजपा का कोई बड़ा नेता नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, मेयर और नेता सदन समेत निगम की सत्ता भाजपा के पास है, इसके बावजूद सफाई कर्मचारियों के परिवारों की सुध नहीं ली जा रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2024 में सदन से पारित कर्मचारियों को एनपीएस से जीपीएफ में लागू करने के फैसले को लागू करने में भी भाजपा सरकार आनाकानी कर रही है। आप पार्षदों ने स्थायी समिति की बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और फैसलों को जल्द लागू करने की मांग की।