सत्य निकेतन हादसे ने खोली व्यवस्था की पोल : नाज़िया दानिश
पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने से तीन मौतों पर कांग्रेस नेत्री का हमला, पुरानी इमारतों की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत भरभराकर गिरने से हुई तीन मौतों और कई लोगों के मलबे में दबने की घटना ने राजधानी की भवन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेत्री एवं एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष नाज़िया दानिश ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए भाजपा सरकार और दिल्ली नगर निगम की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
नाज़िया दानिश ने कहा कि सत्य निकेतन जैसे घनी आबादी वाले इलाके में छात्रों के रहने के लिए पीजी संचालित हो रहा था। इसके बावजूद इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और वहां चल रहे निर्माण या मरम्मत कार्यों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी, यह जांच का गंभीर विषय है। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी संभावित लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में पुरानी और जर्जर इमारतें हैं। ऐसी इमारतों की नियमित जांच और स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर एमसीडी को गंभीरता से काम करना चाहिए। सत्य निकेतन हादसे की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि भवन की संरचनात्मक स्थिति कैसी थी और पीजी संचालन तथा बेसमेंट में चल रहे कार्यों के लिए जरूरी अनुमतियां मौजूद थीं या नहीं।
उन्होंने कहा कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी, विभाग, भवन मालिक या संचालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नाज़िया दानिश ने कहा कि पीजी में रहने वाले अधिकांश छात्र दूसरे इलाकों और राज्यों से दिल्ली पढ़ने आते हैं। उनके लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और आपातकालीन निकासी के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और राहत-बचाव अभियान में जुटी सभी एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
मलबे में चला युद्धस्तर पर रेस्क्यू
रविवार दोपहर सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ, एमसीडी, डीडीएमए, सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे से नौ लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि एम्स ट्रॉमा सेंटर लाए गए घायलों में तीन को मृत घोषित किया गया।
भारी मलबे को विशेष उपकरणों और मशीनरी की मदद से हटाया गया। सेना के जवान भी हाइड्रा मशीन के साथ राहत एवं बचाव अभियान में पहुंचे।
नाज़िया दानिश ने कहा कि सत्य निकेतन हादसे की जांच में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और राजधानी की पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर कार्रवाई जरूरी है।
