निगम की बदहाल व्यवस्था पर नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग का हमला, कहा- भाजपा की अंदरूनी कलह से जनता परेशान

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा शासित एमसीडी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि निगम प्रशासन भाजपा की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी का शिकार हो गया है, जिसका सीधा असर दिल्लीवासियों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक, राजनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर निगम लगातार कमजोर होता जा रहा है।

अंकुश नारंग ने कहा कि नई व्यवस्था बनने के कई महीने बाद भी एमसीडी में स्थायी समिति और वार्ड समितियों का गठन नहीं हो पाया है, जिससे निगम के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में भाजपा के नेतृत्व में निगम की सत्ता बनने के बावजूद समितियों के गठन में हो रही देरी यह दर्शाती है कि भाजपा अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने में ही व्यस्त है।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली में नागरिक सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, हाउस टैक्स से जुड़े मामलों में अव्यवस्था है, अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही और स्वास्थ्य तथा ट्रेड लाइसेंस से जुड़े कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में दिल्ली में इमारत गिरने और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने जैसी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें लोगों की जान गई। ये घटनाएं निगम की लापरवाही और निगरानी तंत्र की विफलता को उजागर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल बयानबाजी तक सीमित हैं।

अंकुश नारंग ने कहा कि विपक्ष लगातार निगम प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों का एहसास कराने का काम कर रहा है। उन्होंने मांग की कि स्थायी समिति और वार्ड समितियों का गठन तत्काल किया जाए, ताकि निगम का कामकाज सुचारु रूप से चल सके और दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता राजनीतिक खींचतान नहीं, बल्कि जवाबदेह और प्रभावी प्रशासन चाहती है। भाजपा को अपनी अंदरूनी कलह छोड़कर दिल्लीवासियों के हित में काम करना चाहिए।