नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के स्वामी दयानंद मार्ग पर जगतपुरी से हसनपुर तक सड़क किनारे प्रतिदिन बड़े पैमाने पर मलबा डाले जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे सड़क की सुंदरता, यातायात व्यवस्था और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी की प्रमुख सड़कों में शामिल स्वामी दयानंद मार्ग को मलबा डंपिंग स्थल में बदलने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसियों की निष्क्रियता और कथित भ्रष्टाचार के कारण यह अवैध गतिविधि लगातार जारी है।
नाज़िया दानिश ने कहा कि जगतपुरी से हसनपुर तक सड़क किनारे रोजाना डाला जा रहा मलबा न केवल यातायात बाधित कर रहा है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है। उन्होंने दिल्ली सरकार, एमसीडी और संबंधित विभागों से मांग की कि पूरे मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर अवैध रूप से डाले गए मलबे को हटाया जाए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि स्वामी दयानंद मार्ग दिल्ली का एक महत्वपूर्ण यातायात मार्ग है, जहां हाल ही में यातायात सुधार और सिग्नल-फ्री व्यवस्था की योजनाओं पर भी काम चल रहा है।
