नई दिल्ली। मानसून से पहले दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने राजधानी की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष गड्ढा मरम्मत अभियान चलाया। विभाग के अनुसार, एक ही दिन में 2,000 से अधिक चिन्हित गड्ढों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया, जबकि 1 जनवरी से 4 जून 2026 के बीच चिन्हित 14,757 गड्ढों में से 12,762 की मरम्मत पहले ही की जा चुकी थी। शेष गड्ढों को भी बारिश शुरू होने से पहले भरने का दावा किया गया है।
PWD का कहना है कि इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ और रखरखाव टीमों को राजधानी के विभिन्न इलाकों में तैनात कर युद्धस्तर पर कार्य कराया गया, ताकि बारिश के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और यातायात बाधाओं को कम किया जा सके। विभाग पहले भी बड़े पैमाने पर गड्ढा मरम्मत अभियान चलाकर हजारों गड्ढे भरने का दावा कर चुका है।
हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिल्ली की सड़कों के सभी गड्ढे वास्तव में भर दिए गए हैं?
बीते वर्षों के अनुभव बताते हैं कि कई बार मरम्मत के बाद भी मानसूनी बारिश के दौरान नए गड्ढे उभर आते हैं या पुराने गड्ढे फिर दिखाई देने लगते हैं। स्वयं दिल्ली सरकार को पहले भी शिकायतों के बाद दोबारा गड्ढा मरम्मत अभियान चलाना पड़ा था, क्योंकि बारिश और जलभराव के कारण कई स्थानों पर सड़कें फिर क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
ऐसे में PWD के दावों की वास्तविकता का पता आने वाले दिनों में चलेगा। यदि बारिश के दौरान सड़कें गड्ढामुक्त और सुरक्षित रहती हैं तो यह अभियान सफल माना जाएगा, लेकिन यदि नागरिकों को फिर टूटी सड़कों और जलभराव का सामना करना पड़ा तो विभाग के दावों पर सवाल उठना तय है।
फिलहाल दिल्लीवासियों की निगाहें सड़कों पर हैं—क्योंकि कागजों में नहीं, जमीन पर दिखने वाला परिणाम ही असली सफलता का पैमाना होगा।
