भोला नाथ नगर की समस्याओं पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, MCD, PWD और नॉर्दर्न रेलवे को नोटिस

पूर्वी दिल्ली।भोला नाथ नगर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण, जर्जर सड़कों, स्वच्छता व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में अदालत ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम दिल्ली (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा नॉर्दर्न रेलवे को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

यह जनहित याचिका आम आदमी पार्टी के नेता शशांक वर्मा के प्रयासों से उनके सहयोगी अधिवक्ता परमजीत सिंह द्वारा दायर की गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वर्षों से अतिक्रमण, टूटी सड़कें और गंदगी जैसी समस्याओं के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं का प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी कठिन हो जाता है।

शशांक वर्मा ने समय-समय पर क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कीं तथा मीडिया के माध्यम से भी अतिक्रमण और बदहाल व्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत तस्वीरों पर अदालत ने चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र की स्थिति को गंभीर माना। हाई कोर्ट ने संबंधित विभागों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को निर्धारित की है।

याचिका में शाहदरा मेट्रो स्टेशन से बाबू राम स्कूल तक अवैध अतिक्रमण हटाने, सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था में सुधार, रेलवे भूमि पर हुए कब्जों के खिलाफ कार्रवाई, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।दिल्ली हाई कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार मामला न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को निर्धारित बताई गई है।