मलका गंज में अवैध अतिक्रमण और खुले मांस विक्रय पर एमसीडी का शिकंजा, सत्या शर्मा ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

नई दिल्ली, 24 जून। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने बुधवार को मलका गंज वार्ड-12 का व्यापक निरीक्षण कर क्षेत्र की विभिन्न नागरिक समस्याओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अवैध अतिक्रमण, खुले में मछली एवं चिकन की बिक्री, अवैध बिजली कनेक्शन और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण में स्थानीय पार्षद सुश्री रेखा, सिविल लाइन्स जोन के उपायुक्त शशि प्रताप सिंह तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अध्यक्ष ने वार्ड के मेंटेनेंस स्टोर का निरीक्षण करते हुए भवन की जर्जर स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित कार्यपालक अभियंता को तत्काल मरम्मत कार्य का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक बजट उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

स्थानीय पार्षद द्वारा क्षेत्र में खुले में मछली और चिकन बेचने की शिकायत उठाए जाने पर सत्या शर्मा ने इसे गंभीर जनस्वास्थ्य का विषय बताते हुए पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य विभागों को संयुक्त अभियान चलाने के आदेश दिए। उन्होंने बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही पूरी कार्रवाई की फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान अवैध बिजली कनेक्शनों के माध्यम से ई-रिक्शा चार्ज किए जाने का मामला भी सामने आया। इस पर अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और ऐसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।

सत्या शर्मा ने मलका गंज स्थित एमसीडी प्राथमिक विद्यालय का भी दौरा किया। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय पार्षद द्वारा उठाई गई समस्याओं पर उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

उन्होंने पूरे वार्ड में सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने, नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा अवैध अतिक्रमण हटाकर नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाए और संबंधित विभाग नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।