डीडीए द्वारा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करते ही पूरी दिल्ली के रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया है और लाखों लोग अपने आशियाने को लेकर भारी चिंता में हैं।
नई दिल्ली।दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा अभियान शुरू कर दिया है।प्रशासनिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली की विभिन्न कॉलोनियों में स्थित लगभग 15 लाख घरों को चिन्हित कर उन पर डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) की तैयारी की जा रही है।
ग्रीन बेल्ट और सरकारी जमीन पर कब्जा: अधिकारियों के मुताबिक, कई कॉलोनियों में सरकारी जमीनों, पार्कों और ग्रीन बेल्ट वाले हिस्सों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण कर लिए गए हैं।
नियमों का उल्लंघन: चिन्हित किए गए मकानों में से कई ऐसे हैं जिन्होंने बिना स्वीकृत नक्शे (Approved Maps) के या तय मंजिलों से ज्यादा का निर्माण कर लिया है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश: इस कार्रवाई के पीछे अदालतों द्वारा समय-समय पर दिल्ली को अतिक्रमण मुक्त करने और मास्टर प्लान को कड़ाई से लागू करने के दिए गए निर्देशों को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।
