दिल्ली की नई ईवी नीति सिर्फ प्रचार, चार्जिंग स्टेशनों की कमी से जनता होगी परेशान: कांग्रेस नेत्री नाज़िया दानिश
नई दिल्ली, 1 जुलाई 2026। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री नाज़िया दानिश ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी-2026 पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह नीति जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना पर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए ही नई ईवी नीति लागू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में लाखों वाहन मालिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
नाज़िया दानिश ने कहा कि दिल्ली की आबादी 2.5 करोड़ से अधिक है और राजधानी में करीब 4.7 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जबकि पूरे शहर में मात्र 1900 चार्जिंग स्टेशन हैं। ऐसे में यह दावा करना कि दिल्ली ईवी क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार है, केवल जनता को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ही 9471 नए इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। यदि यही रफ्तार रही तो मौजूदा चार्जिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिन चार्जिंग स्टेशनों का दावा कर रही है, उनमें से बड़ी संख्या तकनीकी खराबियों के कारण अक्सर बंद रहती है। जो स्टेशन चालू हैं, वहां घंटों लंबी कतारें लगती हैं। सरकार पहले मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क को दुरुस्त करे, उसके बाद नई नीति के बड़े-बड़े दावे करे।
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हर दिन नई योजना और नई घोषणा कर अपनी पीठ थपथपाने में व्यस्त हैं, लेकिन जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि केवल रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट देने से ईवी को बढ़ावा नहीं मिलेगा। जब वाहन चार्ज करने की सुविधा ही उपलब्ध नहीं होगी, तो लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर क्या करेंगे?
नाज़िया दानिश ने कहा कि सरकार घरों में ईवी चार्जिंग की बात कर रही है, जबकि दिल्ली की बड़ी आबादी संकरी गलियों, अनधिकृत कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों में रहती है, जहां न तो निजी पार्किंग है और न ही चार्जिंग की कोई व्यवस्था। ऐसे में सरकार का यह दावा पूरी तरह अव्यावहारिक और वास्तविकता से परे है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों और घोषणाओं की राजनीति कर रही है, जबकि दिल्ली के लोगों को सुविधाएं देने के बजाय उन्हें नई समस्याओं की ओर धकेला जा रहा है। यदि सरकार वास्तव में प्रदूषण कम करना चाहती है तो पहले हर वार्ड, हर बाजार, हर कॉलोनी और सभी सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित करे।
नाज़िया दानिश ने उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार से मांग की कि ईवी नीति को सफल बनाने के लिए पहले व्यापक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए, बंद पड़े चार्जिंग स्टेशनों को तत्काल चालू कराया जाए और राजधानी में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या कई गुना बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि मजबूत व्यवस्था से ही दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों की राजधानी बन सकती है।
