भाजपा राजस्थान प्रकोष्ठ द्वारा “अभिनंदन एवं सेवा समर्पण सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन

हर्ष मल्होत्रा, डॉ. अलका गुर्जर एवं डॉ. सतीश पूनिया का नागरिक अभिनंदन, 54 राजस्थानी संस्थाओं का सम्मान

नई दिल्ली, 19 जुलाई। भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश के राजस्थान प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित “अभिनंदन एवं सेवा समर्पण सम्मान समारोह” अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में राजनीति, उद्योग, व्यापार, समाजसेवा एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा रहे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अलका गुर्जर, राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू, लोकसभा सांसद श्री योगेंद्र चंदोलिया, विधायक श्री अजय महावर, दिल्ली भाजपा के सर्व प्रकोष्ठ प्रभारी श्री अशोक ठाकुर, केएलजे ग्रुप के चेयरमैन श्री कन्हैया लाल जैन, धानुका ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. आर. जी. अग्रवाल तथा बीकानेरवाला ग्रुप के श्री नवरत्न अग्रवाल, श्री सुखराज सेठिया, श्री रवि अग्रवाल, श्री पवन गोयनका, सीए संजीव माहेश्वरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन  प्रवीण गट्टानी ने किया I कार्यक्रम के दौरान दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के उपरांत श्री हर्ष मल्होत्रा का राजस्थानी प्रवासी समाज द्वारा नागरिक अभिनंदन किया गया। साथ ही डॉ. अलका गुर्जर एवं डॉ. सतीश पूनिया का राज्यसभा सांसद बनने पर राजस्थानी समाज की ओर से अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।

अपने संबोधन में श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली में लगभग 25 लाख राजस्थान मूल के लोग निवास करते हैं और भाजपा राजस्थान प्रकोष्ठ के गठन के बाद राजस्थानी समाज पहले से अधिक संगठित एवं सशक्त होकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने में राजस्थानी प्रवासी समाज का विशेष योगदान रहा है। इसके लिए उन्होंने समस्त राजस्थानी समाज को बधाई देते हुए कहा कि समाज की यही एकजुटता भविष्य में भी संगठन और राष्ट्र निर्माण को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।

डॉ. अलका गुर्जर एवं डॉ. सतीश पूनिया ने राज्यसभा सांसद बनने के उपरांत राजस्थानी समाज द्वारा किए गए अभिनंदन के लिए राजस्थान प्रकोष्ठ एवं समस्त राजस्थानी प्रवासी समाज का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज का यह स्नेह और विश्वास उन्हें जनसेवा एवं राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही कि दिल्ली की 54 राजस्थानी सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा कार्यों में सक्रिय संस्थाओं का मंच पर प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया। साथ ही प्रत्येक संस्था का संक्षिप्त परिचय भी मंच से कराया गया, जिससे उनके समाजहित में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों से सभी उपस्थितजन परिचित हो सके।

कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा राजस्थान प्रकोष्ठ, दिल्ली प्रदेश के प्रदेश संयोजक सीए श्रीराम अटल ने सभी अतिथियों एवं समाजबंधुओं का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान प्रकोष्ठ का उद्देश्य दिल्ली में निवास कर रहे राजस्थान मूल के समाज को संगठन, सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के सूत्र में जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ भविष्य में भी समाजहित, राष्ट्रहित एवं जनसेवा के ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।

उन्होंने बताया कि इस सफल आयोजन को राजस्थान प्रकोष्ठ की समर्पित टीम ने सामूहिक प्रयासों से सफल बनाया। इस टीम में श्री सज्जन शर्मा, शेई देवराज चौधरी, श्री प्रदीप चंदोलिया, श्री महेंद्र कलोसिया, श्री नवरत्न संचेती, श्री भैरों सिंह, श्री प्रेम ओझा, श्री जोइताराम, श्री देवराज, ठाकुर रामबिलास सिंह, श्री ओमप्रकाश गुगरवाल, श्री सज्जन चौहान, श्री सूर्यप्रकाश लाहोटी, श्री बनवारी, श्री राजेश मोर, श्री गोपाल बिहानी, श्री मनोज शर्मा, श्री मुकेश मालपानी, श्री वीरेन्द्र सिंह, श्री राजेश शर्मा, श्री पवन गिड़िया, श्री ललित वैष्णव तथा श्री करणी सिंह राजपुरोहित सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण, अनुशासन और टीम भावना के कारण कार्यक्रम ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योगपति, शिक्षाविद, चिकित्सक, समाजसेवी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं राजस्थानी प्रवासी परिवार उपस्थित रहे। अंत में सभी अतिथियों, सम्मानित संस्थाओं, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया।

यह समारोह केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि दिल्ली में राजस्थानी समाज की एकता, संगठन शक्ति, सेवा भावना और भारतीय जनता पार्टी के प्रति उसके समर्पण का सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा।