नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के मनोनीत पार्षद मनोज जैन ने कहा कि वैश्विक संघर्षों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय रुपये की स्थिरता केंद्र सरकार की मजबूत आर्थिक नीतियों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने अल्पकालिक कृत्रिम उपायों के बजाय अर्थव्यवस्था की बुनियाद को मजबूत करने पर ध्यान दिया। विदेशी मुद्रा भंडार को सशक्त बनाने, महंगाई को नियंत्रित रखने तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर देने जैसी नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
मनोज जैन ने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार ही किसी देश की मुद्रा को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करता है। भारत आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि दूरदर्शी आर्थिक नीतियों और सुशासन के बल पर भारत आने वाले वर्षों में और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा।
