दिल्ली। वार्ड 70 शास्त्री नगर में रविवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब दिल्ली नगर निगम के नेता सदन जय भगवान यादव और जिला प्रशासन के अधिकारियों के प्रस्तावित दौरे का मार्ग अंतिम समय में बदल दिया गया। जय भगवान यादव हाल ही में एमसीडी में नेता सदन नियुक्त किए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले दौरे का रूट मेट्रो क्षेत्र से नीमड़ी धर्मशाला चौक होकर तय था, जहां बड़ी संख्या में निवासी अपनी समस्याएं बताने के लिए एकत्र हुए थे। लेकिन अचानक मार्ग बदलकर मुख्य मार्केट की ओर कर दिया गया, जिससे कई लोगों को अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों और नेता सदन तक पहुंचाने का अवसर नहीं मिल सका।क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से जलभराव, सफाई, अतिक्रमण और अवैध निर्माण जैसे मुद्दों को लेकर लोगों में नाराजगी बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के बीच नहीं पहुंचेंगे तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा।इस पूरे घटनाक्रम के बीच विपक्षी दलों पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि जिन मुद्दों पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को जनता के साथ खड़ा होना चाहिए था, उन पर दोनों दल सक्रिय नजर नहीं आए।वहीं, अतिक्रमण हटाने को लेकर दिए गए बयानों पर भी बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई होनी है तो इसकी शुरुआत हर स्तर पर समान रूप से होनी चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि अवैध निर्माणों पर कार्रवाई को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से स्पष्ट रुख क्यों दिखाई नहीं देता।फिलहाल रूट बदलने को लेकर प्रशासन या नेता सदन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन शास्त्री नगर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग जवाब की मांग कर रहे हैं।
