फायर सुरक्षा नियमों की अनदेखी से दिल्लीवासियों की जान खतरे में, जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय हो : अंकुश नारंग

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों, बैंक्वेट हॉलों (लॉन) और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर फायर सुरक्षा नियमों की लगातार हो रही अनदेखी को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अंकुश नारंग ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बिना वैध फायर एनओसी (NOC) और पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था के अनेक संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिससे हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में पूर्व में कई दर्दनाक अग्निकांड हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान गई और करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतें मिलने के बावजूद फायर विभाग और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई बेहद धीमी रहती है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों के हौसले बढ़ते हैं।

उन्होंने कहा कि फायर एनओसी केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा की गारंटी है। यदि किसी प्रतिष्ठान में आग लगने की स्थिति में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानक मौजूद नहीं हैं, तो वह स्थान किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

अंकुश नारंग ने मांग की कि दिल्ली के सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग सेंटरों, होटलों, बैंक्वेट हॉलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। जिन संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी नहीं है या जहां सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाए, उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल संस्थानों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतों के बावजूद लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। दिल्लीवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

“जब तक फायर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों की आशंका बनी रहेगी। सरकार और संबंधित विभागों को चेतने की जरूरत है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।”