दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पांच बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया, चार परिवारों में लौटी खुशियां

नई दिल्ली, 23 जून। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने अपनी सतर्कता, संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए चार नाबालिग बच्चों और एक विशेष रूप से सक्षम महिला को सुरक्षित तलाश कर उनके परिवारों से मिलाया है। इन सफल अभियानों ने चार परिवारों के जीवन में फिर से खुशियां लौटा दी हैं।

विशेष आयुक्त पुलिस (क्राइम) एच.जी.एस. ढालीवाल ने बताया कि एएचटीयू की टीमों ने तकनीकी निगरानी, जमीनी सूचना तंत्र और मानवीय संवेदनशीलता का समन्वय कर सभी लापता लोगों को सुरक्षित बरामद किया।

रेलवे स्टेशन से मिले दो मासूम भाई

हजरत निजामुद्दीन थाना क्षेत्र से लापता 10 और 6 वर्ष के दो भाइयों को एएचटीयू ने पहाड़गंज स्थित साथी चिल्ड्रन होम से बरामद किया। दोनों बच्चे खेलते-खेलते रास्ता भटककर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे, जहां पुलिस ने उन्हें संरक्षण में लेकर चिल्ड्रन होम भेज दिया था। सूचना मिलने पर एएचटीयू ने दोनों बच्चों को खोजकर परिवार से मिलाया।

24 घंटे के भीतर मिली विशेष रूप से सक्षम महिला

स्वरूप नगर क्षेत्र से लापता 45 वर्षीय विशेष रूप से सक्षम महिला, जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं, को एएचटीयू ने मात्र 24 घंटे में मंदिर मार्ग बस स्टैंड से ढूंढ निकाला। जांच में पता चला कि दवा नहीं लेने के कारण वह भ्रमित होकर रास्ता भटक गई थीं। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित परिवार के सुपुर्द कर दिया।

पढ़ाई के लिए घर छोड़ने वाला किशोर सोनीपत से बरामद

बवाना क्षेत्र से लापता 15 वर्षीय किशोर को हरियाणा के सोनीपत से खोजा गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह आगे पढ़ाई करना चाहता था, लेकिन परिवार में इस बात को लेकर विवाद होने पर नाराज होकर घर छोड़ गया था। पुलिस ने काउंसलिंग के बाद उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया।

मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक सीडब्ल्यूसी लाजपत नगर से मिला

आर.के. पुरम क्षेत्र से लापता 7 वर्षीय बालक को एएचटीयू ने सीडब्ल्यूसी लाजपत नगर से बरामद किया। बिहार से इलाज के लिए दिल्ली आए इस बच्चे को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या थी और खेलते समय वह रास्ता भटक गया था। ZIPNET पोर्टल की मदद से उसकी पहचान कर परिवार से मिलवाया गया।

मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बनी एएचटीयू

एएचटीयू के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक गुमशुदगी की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है और हर सुराग पर लगातार काम किया जाता है। इन मामलों में समय, दूरी और भावनात्मक चुनौतियों के बावजूद टीम ने अथक प्रयास कर सभी को सुरक्षित बरामद किया।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन सफल अभियानों ने यह साबित किया है कि “दिल्ली पुलिस – हमेशा सतर्क, हमेशा संवेदनशील और हमेशा आपके साथ” की प्रतिबद्धता केवल नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है।