पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी का चार घंटे का धरना, सरकार से वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात; कांग्रेस ने दी पूरी रात प्रदर्शन की चेतावनी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर मंगलवार को कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए इस धरने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने राहुल गांधी से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया। इसके जवाब में राहुल गांधी ने अपनी पांच प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। इसके बाद जितेंद्र सिंह गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे और वार्ता की जानकारी दी।
कांग्रेस ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी पूरी रात प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना जारी रखेगी। हालांकि इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत के बाद राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम, प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाना, जबकि अन्य कई कांग्रेस सांसदों को किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस परिसर में ले जाया गया।कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है, जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए नेताओं को हटाने की कार्रवाई की।
