दिल्ली में 800 टन गीले कचरे से बनेगी हरित ऊर्जा, एमसीडी और ऑयल इंडिया के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में हुआ समझौता, मेयर प्रवेश वाही बोले— स्वच्छ, हरित और कूड़ा मुक्त दिल्ली की दिशा में ऐतिहासिक कदम

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, हरित और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और ऑयल इंडिया लिमिटेड के बीच कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 800 टन गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इससे न केवल कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लैंडफिल स्थलों पर कचरे के बढ़ते बोझ को कम करने में भी बड़ी सहायता मिलेगी। यह परियोजना दिल्ली को कूड़ा मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

इस अवसर पर मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य देने के लिए निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से स्थापित होने वाला सीबीजी प्लांट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यावरण संरक्षण होगा और लैंडफिल स्थलों पर निर्भरता भी कम होगी।

मेयर ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली शीघ्र ही देश की सबसे स्वच्छ और आधुनिक राजधानी के रूप में नई पहचान स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि निगम की प्राथमिकता स्वच्छ, स्वस्थ और हरित दिल्ली का निर्माण है तथा इसके लिए आधुनिक तकनीक आधारित परियोजनाओं को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।