15 अक्टूबर तक भलस्वा डंपसाइट से हट जाएगा पुराने कचरे का पहाड़: मनोहर लाल

99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण पूरा, केंद्रीय मंत्री ने निरीक्षण कर कार्य में और तेजी लाने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े पर्यावरणीय संकटों में शामिल भलस्वा डंपसाइट को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को डंपसाइट का निरीक्षण किया और पुराने कचरे के निस्तारण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिए कि ताजा कचरे की प्रोसेसिंग और पुराने कचरे के निस्तारण की गति और तेज की जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर डंपसाइट को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान एमसीडी अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि 31 जुलाई 2026 तक भलस्वा डंपसाइट पर 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। शेष पुराने कचरे को 15 अक्टूबर 2026 तक हटाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि मार्च 2026 तक एकत्रित हुए संपूर्ण कचरे के निस्तारण का लक्ष्य 31 दिसंबर 2026 निर्धारित किया गया है।

मनोहर लाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लैंडफिल साइट पर प्रतिदिन आने वाले ताजा कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि यदि नए कचरे का समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा तो पुराने कचरे को हटाने का अभियान और अधिक प्रभावी होगा।

निरीक्षण के दौरान दिल्ली नगर निगम के आयुक्त तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्रालय ने दोहराया कि भलस्वा डंपसाइट को पूरी तरह साफ करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और तय समय-सीमा के भीतर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।